Latest Updates
-
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
रोजाना कसरत और अच्छा आहार मधुमेह को भगाए दूर, शोध
(आईएएनएस)| टाइप-2 मधुमेह के जोखिम को कम करने को लेकर कुछ लोग सोचते हैं कि केवल रोजाना कसरत उनके लिए लाभकारी होगा, जबकि कुछ लोगों के मुताबिक कम कैलोरी लेने और वजन नियंत्रित रखने से यह रोग उन्हें नहीं होगा।
READ: मधुमेह रोगियों के लिये कैसा है नींबू, पानी और शहद का सेवन

लेकिन एक नए शोध के मुताबिक, इन सबको एक साथ अपनाने पर ही आप इस रोग से दूर रह पाएंगे।
अमेरिका के सेंट लुइस युनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर एडवर्ड वीस ने कहा, "अभी भी लोगों का मानना है कि बस उनका वजन नियंत्रण में रहे, उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता कि उनका आहार क्या है।"
READ: टाइप टू मधुमेह क्या है और इससे कैसे बचें?
वहीं, दूसरी तरफ कुछ लोग उपर्युक्त आहार लेते हैं, लेकिन कसरत से खुद को दूर रखते हैं। वीस ने उल्लेख किया, "अध्ययन के मुताबिक, आप तभी स्वस्थ रह सकते हैं, जब सही आहार लेते हैं और साथ में रोजाना कसरत करते हैं।"
अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि कसरत व उचित मात्रा में कैलोरी दोनों से ही मधुमेह का जोखिम कम होता है।
READ: मधुमेह रोगियों के लिये भारतीय आहार
अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ कि कसरत व सही मात्रा में आहार का ग्लूकोरेग्युलेशन (शरीर में शर्करा की नियंत्रण प्रक्रिया) पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है।
यह अध्ययन पत्रिका 'डायबीटिज केयर' में प्रकाशित हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications