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नवरात्र में उपवास के साथ कैसे रखें मधुमेह रोगी अपनी सेहत का ख्याल
क्या डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोग उपवास कर सकते हैं? जैसे जैसे त्यौहार पास आ रहा है डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों के मन में यह प्रश्न बार बार आ रहा होगा और वे इस दुविधा में होंगे।
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खैर ऐसा कोई नियम नहीं है कि डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोग उपवास नहीं कर सकते। वे उपवास कर सकते हैं यदि वे इस दौरान वे अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
नवरात्रि के उपवास के दौरान जो लोग उपवास करते हैं वे मांस, अनाज, प्याज, लहसुन और अल्कोहल का सेवन नहीं कर सकते। इसके अलावा कुछ ऐसे लोग हैं जो इस दौरान मांसाहारी खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते।
साधारण नमक के बजाय लोग सेंधा नमक का उपयोग करते हैं क्योंकि इसे अधिक शुद्ध माना जाता है। यहाँ डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों के लिए उपवास करने के 12 सुरक्षित तरीके बताए गए हैं। आइए देखें:

1. थोड़े थोड़े अंतराल के बाद कुछ न कुछ खाएं:
डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों को थोड़ी थोड़ी देर बाद थोडा थोडा खाना जैसे सब्जियां और फल आदि खाने चाहिए। इससे रक्त में ग्लूकोज़ का लेवल (ब्लड शुगर) नियंत्रित रहता है।

2. धीरे धीरे अवशोषित होने वाले खाद्य पदार्थ खाएं:
उपवास शुरू करने से पहले धीरे धीरे अवशोषित होने वाले पदार्थ जैसे सब्जियां और फल जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक हो, का सेवन करें। इससे पेट भरा हुआ रहता है तथा ब्लड में ग्लूकोज़ का लेवल भी नियंत्रित रहता है।

3. चाय या कॉफ़ी का सेवन न करें:
जब आप उपवास करते हैं तब आपको ऊर्जा की कमी महसूस होती है और तब आप अधिक मात्रा में चाय या कॉफ़ी पीते हैं। कृपया ऐसा न करें क्योंकि चाय या कॉफ़ी में उपस्थित कैफीन के कारण डिहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है।

4. बहुत सारा पानी पीये:
उपवास के दौरान स्वत: को हाईड्रेटेड रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अत: बहुत सारा पानी पीयें जो आपके स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।

5. नारियल का पानी:
नारियल का पानी एक उत्तम शुगर फ्री पेय है जो डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों के लिए बहुत अच्छा है। इसमें एंटीऑक्सीडेंटस, एमिनो एसिड्स, विटामिन्स, कैल्शियम, आयरन और बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को आवश्यक उर्जा प्रदान करते हैं।

6. बटरमिल्क (छाछ):
बटरमिल्क में इलेक्ट्रोलाइट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं तथा शुगर नहीं होती। बटरमिल्क शरीर में होने वाली पानी की कमी से लड़ने में सहायक है। डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों के लिए यह हाइड्रेशन का उत्तम स्त्रोत है।

7. उपवास तोड़ने के बाद आवश्यकता से अधिक न खाएं:
लोग उपवास छोड़ते समय बहुत अधिक कैलोरी युक्त आहार लेते हैं। परन्तु डाइबिटीज़ से ग्रस्त मरीजों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे उपवास तोड़ते समय ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें फैट्स(वसा) और शुगर कम मात्रा में हो। बेक किये हुए पदार्थ सबसे अच्छे होते हैं।

8.ब्लड शुगर के स्तर की जांच करते रहें:
उपवास के बीच में अपनी ब्लड शुगर चेक करते रहें।

9. इन्सुलिन की मात्रा एडजेस्ट (तय) करें:
जब आप उपवास करने का विचार कर लेते हैं तो आपको प्रतिदिन के हिस्साब से इन्सुलिन की मात्रा तय कर लेनी चाहिए।

10. एक्सरसाइज़ (कसरत) में बदलाव लायें:
टाइप 2 के मरीजों के लिए उपवास के दौरान कसरत में बदलाव लाना बहुत आवश्यक है। उन्हें ऐसी सलाह दी जाती है कि शाम के खाने के 2-3 घंटे बाद ही कसरत करें।

11. आप्त स्थिति में उपवास तुरंत तोड़ दें:
डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों को यह सलाह दी जाती है कि यदि उपवास के दौरान उनका ब्लड शुगर लेवल 70 मिग्रा./प्रतिशत गिर जाता है तो वे तुरंत अपना उपवास छोड़ दें।

12. डॉक्टर से परामर्श लें:
डाइबिटीज़ से ग्रस्त लोगों को यह सलाह दी जाती है कि वे उपवास करने से पहले अपने एंडोक्राईनोलॉजिस्ट और डाइटीशियन (आहार विशेषज्ञ) से सलाह ले लें।



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