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ऊंची इमारतों में रहने से हो सकता है डायबिटीज और हृदय रोग, जाने क्या कहती है इससे जुड़ी रिसर्च
जो लोग ऊंची-ऊंची बिल्डिंग में रहते हैं, उनके लिए एक बुरी खबर है। हाल ही में एक शोध में मालूम चला है कि जो लोग ऊंचे अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों में हृदय रोग और डायबिटीज का होने का अधिक खतरा होता है। शोधकर्ताओं ने रिसर्च में पाया कि जो लोग अधिक प्रदूषण के संपर्क में या ऊंचे बिल्डिंग में रहते हैं उनमें हृदय रोग और डायबिटीज होने की संभावना अधिक होती है।
शोधकर्ताओं ने प्रदूषण और ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के बीच पाए जाने वाले संबंधों पर रिसर्च की। इस जांच के दौरान शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे कि जो लोग लंबे समय से प्रदूषित वातावरण या ऊंची इमारतों में रहते हैं, वो हरियाली से दूर हो जाते हैं। जिसकी वजह से वो जल्द ही हाइपरटेंशन और उपापचयी सिंड्रोम का शिकार बन जाते हैं।

शोधकर्ताओं ने बताया कि ऐसे लोगों में अक्सर ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ जाता है। साथ ही लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होने के साथ अधिक शुगर और मोटापे जैसे लक्षण भी इन लोगों में दिखने लगते है। यह शोध उन लोगों के बीच किया गया था जो बहुमंजिला इमारतों में रह रहे थे।
कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है विकासशील देशो में अधिकत्तर मरने वालों की मुत्यु हृदय रोग से होती है। हाईब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम हृदय रोग होने के मुख्य कारण माने जातेहैं। मेटाबॉलिक सिंड्रोम का संबंध मोटापे, हाई ब्लड प्रेशर और हाई शुगर के साथ जोड़कर देखा जाता है। इतना ही नहीं ये सभी स्वास्थय से संबंधित स्थितियां विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के हाई रिस्क से जुड़ी हुई हैं। जिसके पीछे कई बार आनुवांशिक कारण, जीवन शैली, आहार, और पर्यावरणीय कारक ( वायु प्रदूषण, आवासीय आवास) की गुणवत्ता शामिल हैं।
इस अध्ययन के शोधकर्ताओं के अनुसार एक व्यक्ति के लिए बहुमंजिला घरों में रहने की जगह को जितना संभव हो उतना विनियमित करना चाहिए, अपार्टमेंट के शोर इन्सुलेशन में सुधार करना चाहिए, और मल्टीस्टोरी इमारतों में रहने वाले लोगों को अपने घरों में पेड़-पौधे लगाने को बढ़ावा देना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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