सौ मर्ज की एक दवा 'मूली'

Radish
मूली जो घर-घर में सलाद के रूप में प्रयोग होती है। खाने में थोड़ी सी तीखी लेकिन सौ फायदे वाली होती है। मूली का नियमित सेवन करने वाले व्यक्ति के पास रोग फटकता भी नहीं है। ये पेट संबधित रोगों को दूर करता है और पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है।

मूली आपकी स्मरण शक्ति बढ़ाती है। इसमें विटामिन ए पाया जाता है जिससे दांतों को मजबूती मिलती है। मूली का सेवन बालों को गिरने से रोकता है। इसमें मजबूत विटामिन बी और विटामिन सी भी नर्वस सिस्टम को भी मजबूत करता है।

मूली खाने से व्यक्ति को ऊर्जा मिलती है। वो फिट रहता है और रोगों से लड़ने की क्षमता ज्यादा मजबूत हो जाती है। जिनको पसीना बहुत आता है वो मूली रोज खायें तो उसके पसीने में बदबू नहीं आयेगी। मूली खाने से मधुमेह में लाभ होता है। एक कच्ची मूली नित्य प्रातः उठते ही खाते रहने से कुछ दिनों में पीलिया रोग ठीक हो जाता है। गर्मी के प्रभाव से खट्टी डकारें आती हो तो एक कप मूली के रस में मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है। मासिक धर्म की कमी के कारण लड़कियों के यदि मुहाँसे निकलते हों तो प्रातः पत्तों सहित एक मूली खानी चाहिए।

मूली को कच्चे दूध में मिलाने से चेहरे पर रगड़ने से दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। मूली आंखो के लिए भी काफी अच्छी होती है। इसके पत्ते को पिस कर आप अगर अपने चेहरे, हाथो और पैरों पर मलते हैं तो जहां ये शरीर की खुश्की दूर करते हैं वहीं शरीर को कोमल और मुलायम बनाते हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है सौ मर्ज की एक दवा है मूली।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, September 24, 2011, 15:40 [IST]
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