फिटनेस की ए बी सी डी रखे आपको स्‍वस्‍थ्‍य

यूं तो इंग्लिश के एल्‍फाबेट आपको बाखूबी आते होंगे लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि हर अक्षर के जरिये आप सेहत से जुडी कुछ एहम बातें आसानी से याद कर सकते हैं। बदलती जीवनशैली के चलते हम स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति जागरुक होते हुए भी कई बार स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सावधानियां भूल जाते हैं। ऐसी स्‍थति में एल्‍फाबेट की तरह हम अपनी एक्‍सरसाइज को याद कर स्‍वयं को स्‍वस्‍थ रख सकते हैं।

Physical Fitness Exercises

ऐरोबिक्‍स- यह एक्‍सरसाइज बहुत ही मजेदार होती है। इसको करने से शरीर में पूरी तरह से ऑक्‍सीजन पहुंचता है। इसको रोज करने से ना केवल आप मोटापे से छुटकारा पाएंगे बल्कि आपका मूड भी तरोताजा हो जाएगा।

एंटीऑक्‍सीडेंट- एंटीऑक्‍सीडेंट में विटामिन ए, सी व ई और मिनरल मसलन कॉपर, मैगनिशियम व जिंक वगैरह आते हैं। ये टिशु ऑक्‍सिडेशन को कम करते हैं और फ्री रेडिकल्‍स को बढने से रोकते हैं। साथ ही शरीर पर उनके बुरे असर को भी कम करते हैं।

बेसिक मैटाबॉलिक रेट- इस रेट से यह माना जाता है कि शरीर ने 24 घंटे में कितनी कैलोरी बर्न की है।

कार्डियोवैसक्‍युलर ट्रेनिंग- इस ट्रेनिंग कि एक्‍टिविटी दूसरी एक्‍टिविटी को बेहतर बनाती है। जिससे शरीर की सभी क्रियाओं का सुचारु रुप से संचरण होता है। हर इंसान को लगभग 30 मिनट काडियो जरुर करना चाहिये।

ग्‍लिसरीन इंडेक्‍स- यह एक तरह का रेट है जिससे मापा जाता है खाना कितनी जल्‍दी ग्‍लूकोज में कन्‍वर्ट होता है।

मैटाबोलिज्‍म- शरीर के केमिकल या फिजिकल परिवर्तन को मैटाबोलिज्‍म कहा जाता है और नियमित एक्‍सरसाइज इसे बढाने का बेहतरीन तरीका है।

ओवरलोड प्रिंसपल- शरीर को फिट रखने के लिये कसरत करने की गति और क्षमता को धीरे-धीरे बढाना ओवरलोड प्रिंसपल कहलाता है।

पैक्‍टोरल मसल्‍स- फेफड़ों की मसल्‍स, जो कंधे को आगे की ओर करने में मदद करती हैं।

पावर माइंडसेट- वह स्‍‍थति जब आप खुद को आत्‍मविश्‍वासी व एनर्जेटिक महसूस करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, June 27, 2012, 11:30 [IST]
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