अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिये खाएं साबुत अनाज

साबुत अनाज कार्बोहाइड्रेट का भंडार होता है जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से बहुत अच्‍छा होता है। साबुत अनाज का सेवन करने वाले लोगों को मधुमेह, कोरोनरी धमनी रोग, पेट का कैंसर और उच्च रक्तचाप जैसे रोगों की आशंका कम हो जाती है।

साबुत अनाज में फाइबर के अलावा कई विटामिनों के अनूठे मिश्रण, खनिज-लवण, अघुलनशील एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोस्टेरोल भी पाया जाता है। आइये जानते हैं कि ऐसे कौन से साबुत अनाज हैं, जिनको अपनी डाइट में शामिल करना चाहिये।

Whole Grains

1.ब्राउन राइस- जितनी बार आप भोजन में सफेद चावल खाते हैं, उतनी ही बार आप 75 प्रतिशत तक का पोषण जो कि कार्बोहाइड्रेट से मिलता है उसको खो देते हैं। ब्राउन राइस में प्रचूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कि विटामिन बी, फॉसफोरस, मैग्‍नीशियम और अन्‍य एंटी ऑक्‍सीडेंट में होता है।

2.गेहूं- यह एक बहुत ही आम और खास अनाज है, जो कि खाने की थाली में सबसे महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखता है। गेहूं को पीस कर इस्‍तमाल किया जाता है। गेहूं में बहुत सारा रेशा तथा विटामिन बी कॉमप्‍लेक्‍स होता है, जो कि पाचन शक्‍ति को मजबूत बनाता है।

3.कार्न- भुट्टे को चावल और गेहूं के मुकाबले बस कभी-कभी ही खाते हैं। कार्न दिल की बीमारी, डायबिटीज और पाचन प्रणाली को नियंत्रित करता है और अच्छे बैक्टीरिया को संतुलन में रखता है।

4.मेथी- अगर आपका पेट हर वक्‍त खराब रहता है तो मेथी खाना शुरु कर दीजिये। मेथी अच्छे बैक्टीरिया को संतुलन में रखती है जिसका मतलब है आंतडिय़ों संबंधी समस्याओं का कम होना और एक बढिय़ा रोग प्रतिरोधक प्रणाली का विकास होना।

5.कुटू- उत्‍तर भारत में नवरात्रि के व्रत में कुटू के आटे की बनी चीजे़ खाइ जाती हैं। महिलाओं को अगर मासिक के दौरान दर्द हो, तो उन्‍हें कुटू का सेवन करना चाहिये। इसको खाने से दर्द कम होता है और यह उस दौरान मैग्‍नीशियम की कमी को भी दूर करता है।

6.ओट- आज कल बाजार में तरह तरह के फ्लेवर वाले ओट मिलते हैं। सुबह ओट नाश्‍ते में खाने से पूरा दिन पेट भरा महसूस होता है। ओट में आपको सबसे ज्‍यादा फाइबर मिलेगा, जिससे आपका कोलस्‍ट्रॉल हमेशा नियंत्रित रहेगा।

7.निवारिका या राई- यह एक प्रकार की घास है जो कि गेहूं के जाति की है। नीवारिका के दाने आटा, ब्रेड, बीअर, ह्विस्की, वोडका एवं जानवरों के चारे के लिये प्रयोग की जाती है। यह महिलाओं के स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से बहुत अच्‍छी होती है क्‍योंकि इसमें फाइबर, आयरन और खूब सारे पोषक तत्‍व मिले होते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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