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धूम्रपान छोड़ने के लिए योग

आइये जाने कुछ आसन
अनुलोम-विलोम
इसे करने से दिमाग स्थिर रहता है। प्राणायाम से शरीर और मन दोनों स्वस्थ्य रहते हैं। इस विधि से आपके दिमाग को काम करने में मदद मिलती है जो कि काफी अच्छा है। साथ ही इससे आपका दिमाग शांत रहता है और नवर्स सिस्टम ठीक रहता है।
शवासन
इस आसन को करने के लिए मन को शांत कर के पीठ के बल लेट जाइए। पैरों को ढीला छोडकर हाथों को शरीर से सटाकर बगल में रख लिजिए। शरीर को पूरी तरह से फर्श पर स्थिर हो जाने दीजिए। इस आसन को करने से शरीर की थकान और दबाव कम हो जाएगी। सांस और नाडी की गति सामान्य हो जाएगी।
अर्ध्य मत्सयेंद्र आसन
आमतौर पर लोग अपनी रीढ़ की हड्डी को आगे पीछे मोड़ लेते हैं, लेकिन शरीर मोड़ने में परेशानी होती है। यह आसन आपको रीढ़ की हड्डी की तंत्रिकाओं को मोड़ने में मदद करता है। इससे आपकी पाचन शक्ति भी ठीक होती है।
सुखआसन
इस योगा को करते वक्त आपका सिर और गर्दन एक सीध में होना चाहिये। अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा कर के बैठें और उसे बिल्कुल भी ना मोड़े। अपने दोनों पैरों को तिरछा मोड़ कर बैठें और दोनों हाथों को अपने पैरों पर रखें। इससे आपके चयपाचय क्रिया ठीक रहती है। यह योगा की सबसे आसान विधि है इसलिए इसे सुखआसन के नाम से जानते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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