Latest Updates
-
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक -
Budh Nakshatra Gochar 2026: 7 मई से बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर, इन 3 राशियों की खुलेगी सोई हुई किस्मत
ब्राउन राइस के 11 स्वास्थ्य लाभ
ब्राउन राइस जिन्हें बटुआ या छिलके वाले चावल के नाम से भी जाना जाता है ये चावल की कम परिष्कृत किस्म है। इसकी केवल बाहरी परत होती है और छिलका हटा हुआ होता है लेकिन फिर भी इसका बाहरी चोकोर आवरण भूरे रंग का होता है जो कि इसे हल्का भूरा रंग, अखरोट का स्वाद और चबाने वाली बनावट देता है। चूँकि ब्राउन राइस में दिमाग के लिए पोषक तत्व होते हैं इसलिए यह अधिक पोष्टिक है लेकिन लेकिन सफेद चावल की तुलना में पकाने के लिए अधिक समय लगता है।
ब्राउन राइस एक पूर्ण खाद्य अनाज है जो कि विटामिन बी, फास्फोरस, सेलेनियम, मैंगनीज, पोटेशियम और मैग्नीशियम सहित कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। यह डाइटरी फाइबर और फाईटोन्यूट्रीएंट्स का एक अच्छा स्त्रोत है जो कि वजन को मेन्टेन रखने जैसे कई सुरक्षात्मक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

पेट के कैंसर की रोकथाम
ब्राउन राइस में सेलेनियम होता है जो कि पेट के कैंसर की सम्भावना को कम करता है। चावल में मौजूद फाइबर की अधिक मात्रा आँत के कैंसर को रोकने वाले केमिकल्स को प्रवाहित करती है इस प्रकार यह यह पेट के कैंसर को रोकने में मददगार है।

स्तन कैंसर के खतरे को कम करता है
ब्राउन राइस में मौजूद फाईटोन्यूट्रीएंट्स स्तन कैंसर और हार्ट की बिमारियों से लड़ने में मदद करता है। ज्यादा उम्र की महिलाओं पर किये गए अध्ययन से यह प्रमाणित हुआ कि ब्राउन राइस जैसे अनाज को खाने से इंट्रोलैक्टोन का स्तर बढ़ता है जिसका सम्बन्ध स्तन कैंसर के खतरे को कम करने से है।

कोलेस्ट्रॉल को कम करता है
पिसे हुए ब्राउन राइस में उपलब्ध तेल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है। ब्राउन राइस में फाइबर होता है जो कि एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है।

हार्ट की बिमारियों को रोकता है
फाइबर की अधिकता के कारण ब्राउन राइस दिल की बिमारियों के खतरे को कम करता है। टेम्पल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि ब्राउन राइस खाने से ब्लड प्रेशर कम होता है और धमनियों में प्लाक बनने के खतरे को कम करता है इस प्रकार यह हार्ट की बिमारियों को पैदा होने से रोकता है।

शरीर का वजन सामान्य बनाये रखता है
चूँकि ब्राउन राइस में फाइबर की अधिकता होती है इसलिए यह आप के द्वारा ली जाने वाली कैलोरीज की मात्रा को कण्ट्रोल करता है और आपका पेट काफी देर के लिए भर जाता है, इस प्रकार यह ज्यादा खाने (ओवर ईटिंग) के अवसर को कम करता है। हार्वर्ड के रिसर्चर्स के द्वारा किये गए अध्ययन से पाया गया कि जिन महिलाओं ने ब्राउन राइस जैसे ज्यादा फाइबर वाले आहार को खाया उन्हें अपना वजन सामान्य रखने में ज्यादा सफलता मिली।

कब्ज को कम करता है
फाइबर की अधिकता के कारण ब्राउन राइस पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है। यह स्वस्थ और तेज मल त्याग को बढ़ता है, इस प्रकार यह कब्ज को रोकने में मददगार है।

ब्लड शुगर को कम करता है
चावल में मौजद फाइबर ब्लड शुगर के स्तर को नियमित करके टाइप -2 शुगर को रोकने में मदद करता है।

हड्डियों को मजबूत करता है
ब्राउन राइस मैग्नीशियम का एक अच्छा स्त्रोत है जो कि हड्डियों को स्वास्थयप्रद बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण है। एक कप ब्राउन राइस शरीर को रोजाना आवश्यक 21% मैग्नीशियम प्रदान करता है। मैग्नीशियम कैल्शियम के अवशोषण के लिए भी जरूरी है जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पोषक तत्व है।

अस्थमा के लक्षणों को कम करता है
चूँकि ब्राउन राइस में मैग्नीशियम की अधिकता होती है इसलिए यह अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि ब्राउन राइस में उपलब्ध मैग्नीशियम से अस्थमा ग्रस्त मरीजों में अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। ब्राउन राइस में उपलब्ध सेलेनियम भी अस्थमा के खिलाफ लाभकारी है।

पित्ताशय की पथरी के खतरे को कम करता है
अमेरिकन जर्नल ऑफ़ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, ब्राउन राइस जैसे अधिक फाइबर वाले आहार को खाने से महिलाओं में पित्ताशय की पथरी के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।

तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ बनाये रखने में मददगार
ब्राउन राइस में मैंगनीज की अधिकता होती है जो कि एक स्वस्थ तंत्रिका तंत्र के लिए आवश्यक है। पोषक तत्व फैटी एसिड्स के उत्पादन को बढाकर और कोलेस्ट्रॉल पैदा करके सेक्स हारमोंस के उत्पादन को भी बढ़ाते हैं।

आहार की जरूरत पूरी करे
डाइटरी गाइडलाइन्स के द्वारा अनाज का दिन में तीन बार सेवन करने की सलाह दी जाती है। ब्राउन राइस का 1/2 कप अन्य अनाज के तीन बार सेवन करने के बराबर है। इसलिए अपनी रोजाना की पोषक तत्वों की जरुरत को पूरा करने के लिए ब्राउन राइस खाना एक अच्छा तरीका है।



Click it and Unblock the Notifications