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क्यों करना चाहिये जमीन पर बैठ कर भोजन?
आप देखेंगे कि कई भारतीय घरों में लोग जमीन पर बैठ कर भोजन करते हैं। हम में से ज्यादातर लोगों ने खाना खाने की जगह के रुप में मेज और कुर्सी का आलिंगन किया है जबकि हम में से कुछ ऐसे हैं जो टीवी के सामने बैठ कर या बिस्तर पर बैठ कर खाना पसंद करते हैं। भले ही, यह आपके लिए बहुत आरामदायक हो, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।
हमारे पूर्वजों ने निश्चित रूप से बहुत सोच कर जमीन पर बैठ कर, पालथी मार कर भोजन करने की प्रथा को सुनिश्चित किया होगा। यहां आपके स्वास्थ्य के लिए उपयोगी 10 प्राचीन कारण दिए गए हैं। खाने में मिलावट को पहचानने के आसान तरीके

1 आपकी पाचनक्रिया को सुधारता है:
आमतौर पर जब आप जमीन पर बैठते हैं तो पालथी मार कर बैठते हैं - इसे सुखासन या पद्मासन करते हैं जोकि पाचन में मदद करने वाली मद्राएं हैं (हालांकि यह माना जाता है कि जब आप भोजन करने के लिए इस मुद्रा में बैठते हैं तो यह स्वतः आपके दिमाग को पाचनक्रिया के लिए तैयार होने के संकेत भेजती है)। इसके अलावा जब आप जमीन पर बैठ कर खाना खाते हैं, तो आप स्वाभाविक रूप से खाने के लिए थोड़ा आगे झुकते हैं और खाने को निगलने के लिए वापस अपनी शुरुआती स्थिति में चले जाते हैं। इस तरह लगातार आगे और पीछे की ओर झुकने से आपकी पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती है साथ ही यह आपके पेट में एसिड़ के स्राव को भी बढाता है - इस तरह आपके लिए भोजन को पचाना बहुत आसान हो जाता है।

2 वजन को घटाने में मदद करता है:
जब आप इस मुद्रा में बैठते हैं, तो आपका दिमाग अपने आप शांत हो जाता है और भोजन पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर पाता है। इसके अलावा यह मुद्रा आप द्वारा खाए गए कुल भोजन से जोड़ती है और आपको जल्दी ही तृप्त महसूस कराती है। हालांकि मेज पर बैठ कर खाने की तुलना में आपकी जमीन पर बैठ कर खाने की गति धीमी होगी, तथा यह आपके पेट एवं आपके दिमाग को तृप्तता के एहसास के संकेतों से जुड़ने का समय देता है, इस प्रकार से आपको अधिक खाने से रोकता है।

3 आपको और लचीला बनाता है:
जब आप पद्मासन में बैठते हैं, तो आपकी श्रोणि, निचली पीठ, पेट के आसपास एवं ऊपरी तथा निचले पेट की मांसपेशियों में खींचाव महसूस होता है - जो दर्द और पीड़ा को कम करते हैं। फल स्वरुप आपके पाचन तंत्र को आरामदायक एवं सामान्य स्थिति में रहने में मदद करता है। इसके अलावा, यह स्थिति किसी भी प्रकार से आपके पेट को संपीड़ित नहीं करती जिससे आपको खाने में तथा बेहतर रीति से पचाने में मदद मिलती है।

4 आपका ध्यान खाने में रखता है :
जब आप परिवार के साथ जमीन पर बैठ कर खाना खाते हैं तो आपका ध्यान खाने में रहता है। यह केवल आपके ध्यान को ही खाने पर केंद्रित नहीं करता बल्कि खाना खाते समय बेहतर विकल्प को चुनें में भी मदद करता है। क्योंकि इस मुद्रा में आपका मन बहुत शांत और आपका शरीर पोषण को स्वीकारने के लिए तैयार होता है, जमीन पर बैठ कर भोजन करने की प्रथा सही मात्रा में खाना खाने के लिए एवं सही प्रकार का भोजन करने के लिए सबसे अच्छी है।

5 आपको आपके परिवार के साथ बांधता है:
आमतौर पर जमीन पर बैठे कर खाना खाने की प्रथा एक परिवारिक गतिविधि है। यह समय अपने परिवार के साथ जुड़ने के लिए बहुत अच्छा है। क्योंकि जमीन पर बैठ कर भोजन करने से आपका मन शांत और सुखद रहता है, अतः यह अपने परिवार के साथ जुड़ने का एक बेहतरीन कारण बन जाता है - तथा आपको ध्यान से एवं शांति से सुनने में मदद करता है।

6 आपके आसन को सुधारता है:
जब आप खाने के लिए जमीन पर बैठते हैं तो आप स्वाचालित रुप से सही मुद्रा में बैठते हैं, अपनी पीठ तथा रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए और अपने कंधों को पीछे धक्कलते हुए - आप गलत मुद्रा में बैठने से होने वाले सारे दर्दों से निजात पाते हैं।

7 आपकी आयु को बढ़ा सकता है:
प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी की पत्रिका यूरोपीयन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग जमीन पर पद्मासन में बैठते है और बिना किसी सहारे के खड़े होने में सक्षम है, उनकी लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना अधिक है। क्योंकि इस मुद्रा से उठने के लिए अधिक लचीलेपन तथा शारीरिक शक्ति की आवश्यकता होती है। इस अध्ययन से यह भी पता चला है कि जो लोग बिना किसी सहारे के उठने में असक्षम थे उनकी अगले 6 सालों में मरने की संभावना 6.5 गुना अधिक थी।

8 घुटने एवं कमर के जोड़ों को लचीला बनाता है:
पद्मासन एवं सुखासन एक ऐसी मुद्रा है जो आपके पूरे शरीर को लाभ पहुंचाती है। ये केवल आपके पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में ही मदद नहीं करते बल्कि आपके जोड़ों को कोमल तथा लचीले बनाए रखने में भी मदद करते हैं और आपको चोट ग्रस्त एवं गठिया या हड्डियों की कमजोरी जैसे अपक्षयी रोगों से भी बचाते हैं। घुटने, टखने और कमर के जोड़ों को लगातार झुकाने के कारण यह उन्हें लचीला और रोगों से मुक्त रहने में मदद करता है। लचीलेपन के साथ जोड़ों में चिकनाई आती है जिससे जमीन पर बैठने में आसानी होती है।

9 दिमाग को आराम तथा तंत्रिकाओं को शांत करता है:
एक बहुत ही उपयोगी उपकरण के रुप में, युर्वेद में माना जाता है कि मन को शांत रखकर खाना खाने से पाचन बेहतर होता है और कुछ मामलों में तो लोगों को स्वाद से भोजन खाने में भी मदद करता है

10 परिसंचरण को सुधारते हुए दिल को मजबूत बनाता है:
जब आप जमीन पर बैठ कर खाना खाते हैं तो आपके दिल को रक्त संचलन का लाभ प्राप्त होता है और इस तरह दिल बड़ी आसानी से पाचन में मदद करने वाले सभी अंगों तक खून पहुंचाता है। लेकिन जब आप कुर्सी पर बैठ कर खाना खाते हैं तो यहां रक्त संचलन का स्वरुप विपरीत है, इसमें प्रचलन पैरों तक होता है जोकि दिल की तुलना में काफी नीचे है। इसलिए जमीन पर बैठ कर खाना खाने से आपको मजबूत मांसपेशियों के साथ एक स्वस्थ दिल मिलता है जो आपकी दैनिक जीवन की परेशानियों से निपटने में आपकी मदद करता है।



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