Latest Updates
-
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं
रहना है फिट तो जरुर खाएं अंकुरित मूंग

जरूरी नहीं कि स्वाद में जो अच्छा हो, वो स्वास्थ्यवर्धक भी हो। अक्सर ऐसा ही होता है, जो चीज खाने में बिल्कुल अच्छी नहीं लगती है वो गुणों से भरपूर ही होती है।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण करेला है, स्वाद में कितना कड़वा और बेकार लगता है लेकिन सारी सब्जियों में सबसे ज्यादा गुण करेले में ही होते हैं। स्वादिष्ट भोजन करने से पहले आपको इस बात को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि शरीर के विकास के लिए विटामिन और खनिज की जरूरत होती है।
दालों में सबसे पौष्टिक दाल, मूंग की होती है, इसमें विटामिन ए, बी, सी और ई की भरपूर मात्रा होती है। साथ ही पौटेशियम, आयरन, कैल्शियम की मात्रा भी मूंग में बहुत होती है।
इसके सेवन से शरीर में कैलोरी भी बहुत नहीं बढ़ती है। अगर अंकुरित मूंग दाल खाएं तो शरीर में कुल 30 कैलोरी और 1 ग्राम फैट ही पहुंचता है।
READ: स्प्राउट खाने के बढियां स्वास्थ्य लाभ
अंकुरित मूंग दाल में मैग्नीशियम, कॉपर, फोलेट, राइबोफ्लेविन, विटामिन, विटामिन सी, फाइबर, पोटेशियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन बी -6, नियासिन, थायमिन और प्रोटीन होता है। मूंग की दाल के स्प्राउट ऐसे ही कुछ लाभकारी गुण निम्न प्रकार हैं:

क्या इसे मधुमेह रोगी खा सकते हैं?
मूंग की दाल के स्प्राउट में ग्लूकोज लेवल बहुत कम होता है इस वजह से मधुमेह रोगी इसे खा सकते हैं।

गंभीर रोगों से ग्रसित लोग खा सकते हैं?
मूंग की दाल के स्प्राउट में ओलियोसाच्चाराइडस होता है जो पॉलीफिनॉल्स से आता है। ये दोनों की घटक, गंभीर रोगों से लड़ने की क्षमता को प्रबल करते हैं। कैंसर के रोगी भी इसका सेवन आराम से कर सकते हैं।

यह संक्रमण से किस प्रकार बचाव करते हैं?
मूंग की दाल में ऐसे गुण होते हैं जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देते हैं और उसे बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। इसमें एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफलामेट्री गुण होते हैं जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।

शरीर को साफ करने में मदद करती है?
मूंग की दाल के स्प्राउट में शरीर के टॉक्सिक को निकालने के गुण होते हैं। इसके सेवन से शरीर में विषाक्त तत्वों में कमी आती है।

लम्बा खुशनुमा जीवन प्रदान करे
इस बात को मजाक में न लें, मूंग की दाल के स्प्राउट के सेवन से पाचन क्रिया हमेशा सही बनी रहती है जिसके कारण, आपको पेट सम्बंधी समस्या नहीं होती है और जीवन खुशहाल रहता है।

युवा बनाएं रखती है
मूंग की दाल के स्प्राउट में साइट्रोजेन होता है जो शरीर में कोलेजन और एलास्टिन बनाएं रखता है जिससे उम्र का असर, जल्दी ही चेहरे पर दिखाई नहीं देता है।

कब्ज से राहत दिलाती है?
मूंग की दाल के स्प्राउट में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। जिससे फ्रेश होने में कोई समस्या नहीं होती है व पाचन क्रिया दुरूस्त बनी रहती है।

पेप्टिसाइड युक्त मूंग के स्प्राउट:
मूंग की दाल के स्प्राउट में पेप्टिसाइड होता है जो बीपी को संतुलित रखता है और शरीर को फिट बनाएं रखने में कारगर होता है।

संतुलित खुराक :
अगर आप शाकाहारी हैं तो मूंग की दाल के स्प्राउट का सेवन अवश्य करें। यह शरीर में आवश्यक तत्वों की कमी हो पूरी करता है और शरीर को मजबूत बनाती है। इससे बेहतर शाकाहारी खाद्य सामग्री कोई नहीं होती है। यह सुपाच्य भी होता है।



Click it and Unblock the Notifications
