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कौन सी ब्रेड है सबसे सेहतमंद... मल्टीग्रेन या गेहूं की ब्रेड?
आज बाजार में ब्रेड के इतने विकल्प मौजूद हैं कि इनमें से सही पोषण तत्वों से भरे ब्रेड का चयन करना मुश्किल हो गया है। ब्रेड केवल हमारी भूख को ही नहीं मिटाते बल्कि इससे बनें वाले अन्य व्यंजन भी बड़े स्वादिष्ट होते हैं।
अक्सर हम ब्रेड खरीदते वक्त गेहूं से बने ब्रेड का चयन पहले करते हैं। इसकी वजन इसमें मौजूद अन्य विकल्पों के बारे में हमारी कम जानकारी या हम इसे सेहतमंद मानते हैं।
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जबकि मल्टीग्रेन ब्रेड हमारे शरीर को कई आवश्यक पोषण तत्वों को प्रदान करती है। इन दोनों ब्रेडों को बनाने की प्रक्रिया लगभग एक जैसी है जिसके कारण इनमें सारे पोषण तत्व बरकरार रहते हैं। आइये जानते हैं दोनों ब्रेडों के पोषक तत्वों के बारे में-
मल्टीग्रेन व गेहूं के ब्रेड में मौजूद पोषण तत्व

1 मल्टीग्रेन ब्रेड
मल्टीग्रेन ब्रेड को राई, जौ, जई व कूटू के आटे से बनाया जाता है। इसलिए, यह अपने डायट में साबुत अनाज को शामिल करने का एक अच्छा तरीका साबित हो सकता है। मल्टीग्रेन ब्रेड का सेवन करने वाले लोगों का वजन व उनके कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है।
पोषण से भरा यह ब्रेड हृदय रोग व मधुमेह के खतरे को कम करता है तथा पाचन समस्याओं से भी निजात दिलाता है। इसके अलावा, गेहूं के ब्रेड में केवल एक या दो साबुत अनाज का इस्तेमाल किया जाता है।

2 फाइबर
गेहूं व जई से बनें वाले इन दोनों प्रकार के ब्रेडों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। मल्टीग्रेन ब्रेड का एक टुकडा आपके शरीर को 4 ग्राम फाइबर प्रदान करता है।
फाइबर आपके शरीर को ताकत प्रदान करता है तथा आपके वजन को भी बढने नहीं देता। फाइबर आपके रक्तचाप को व शर्करा के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। ऐसे लाभों के लिए आप अपने आहार में राई व क्वीनवा से बनें वाले ब्रेड को शामिल कर सकते हैं।

3 ग्लाइसेमिक सूचकांक
साबुत अनाज से बनें वाले ये मल्टीग्रेन ब्रेड ग्लाइसेमिक सूचकांक में एक लाभदायक स्थान हासिल करते हैं। मल्टीग्रेन का सेवन करने वालों को मधुमेह, स्ट्रोक व कैंसर के होने का खतरा कम रहता है। इसके अलावा, मल्टीग्रेन ब्रेड में पाइतोनूट्रीअन्ट जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो आपकी कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाए रखते हैं। READ: क्या रोटी ब्रेड से ज्यादा फायदेमंद है?
जबकि, गेहूं के ब्रेड को पचाना थोडा मुश्किल है तथा यह मधुमेह के रोगियों में शर्करा का स्तर बढ़ा सकते हैं।

4 कैलोरी
ब्रेड में कैलोरी की मात्रा उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट से जांची जाती है। इस लिहाज से दोनों ही ब्रेडों की कैलोरी की मात्रा में खास अंतर नहीं है। हालांकि, मैदे से बनें वाले ब्रेड में कोलेस्ट्रॉल ना के बराबर होता है लेकिन उसमें मौजूद फाइबर व कार्बोहाइड्रेट उसकी कैलोरी की मात्रा को बढ़ाते हैं। मल्टीग्रेन ब्रेड के एक टुकडे में 69 कैलोरी होती हैं जबकि गेहूं के ब्रेड के एक टुकडे में 66 कैलोरी होती हैं।

5 टिप्स
- ब्रेड खरीदते वक्त पैकेट के ऊपर मौजूद सामग्री के लेबल को अच्छी तरह से पढें। वही ब्रेड खरीदें जिसकी सामग्री में साबुत आनाज की मौजूदगी दर्ज हो।
- बाजार में मौजूद कुछ ब्रेडों में 1 ग्राम से भी कम फाइबर होता है। जबकि ब्रेड में 3 ग्राम फाइबर होना चाहिए।
- ब्रेड में हमेशा अन्य सामग्री की मात्रा कम होनी चाहिए ताकि वह आपके शरीर को सारे पोषण तत्वों को प्रदान कर सके।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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