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जानें पित्त दोष वालों को आहार में क्या खाना चाहिये
पित्त प्रकृति होने पर यह सलाह दी जाती है कि आप हर 2–3 घंटे बाद कुछ न कुछ खाएं ताकि आपके शरीर में अम्ल का स्तर न बढ़े। ऐल्कलाइन खाद्य पदार्थ (क्षारीय खाद्य पदार्थ) जैसे फल, सब्जियां और अनाज खाएं। बहुत अधिक मटन आदि न खाएं और भरपूर पानी पीयें।
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यदि आपके शरीर में अतिरिक्त पित्त उर्जा है तो आपको त्वचा से संबंधित समस्या, बहुत अधिक पसीना आना, अपचन और चिडचिडाहट आदि समस्याएं हो सकती हैं।
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सामान्यत: आपके शरीर में अतिरिक्त गर्मी होती है, अत: आपको ऐसे खाद्य पदार्थों से आराम महसूस होगा जो आपके शरीर की गर्मी को कम करते हैं। इससे आपके पाचन तंत्र को कम परेशानी होगी तथा आपको भी शांति महसूस होगी।
इसमें निम्नलिखित खासी पदार्थ शामिल हैं:

फल:
सेब, एवोकेडो, ताज़े अंजीर, अंगूर (काले या लाल), पका आम, खरबूज़ या तरबूज़, मीठा संतरा, पपीता, नारियल, खजूर, नाशपाती, अनानास, आलू बुखारा, अनार, किशमिश।

सब्जियां:
गाजर, पत्तागोभी, शिमला मिर्च, ब्रोकोली, फूलगोभी, ककड़ी, हरी बीन्स, हरी मिर्च, हरी पत्तेदार सब्जियां, मशरूम, भिंडी, आलू, कद्दू, मटर आदि।

अनाज:
जौ, ओट्स, गेंहू, सफ़ेद बासमती चांवल, पास्ता, ओट ब्रैन, वीट ब्रैन, जौ

डेयरी (दुग्ध पदार्थ):
गाय का दूध (सम्पूर्ण), घी, बिना नमक वाला बटर, कॉटेज चीज़, बकरी का दूध, आइसक्रीम, दही (घर का बना, बिना फल के)

फलियाँ:
ब्लैक बीन्स (चवली), काबुली चना, राजमा, मूंग, टोफू, सोया बींस।

नट्स और सीड्स:
बादाम, नारियल, अलसी के बीज, पॉपकार्न (बिना नमक), कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज

तेल:
नारियल का तेल, जैतून का तेल (ऑलिव ऑइल), सनफ्लावर ऑइल, घी, सोया तेल, वॉलनट ऑइल।

मीठे पदार्थ:
गुड, मैपल सिरप

मसाले:
काली मिर्च, तुलसी, इलायची, जीरा, दालचीनी, सोआ, धनिया, सौंफ, केसर, पिपरमिंट, हल्दी, पुदीना (यदि आपके शरीर में पित्त का असंतुलन है तो मसालों की कम मात्रा का सेवन करें)।



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