Latest Updates
-
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
50 फीसदी लड़के और लड़कियां नहीं करते ब्रेकफास्ट- स्टडी
न्यूट्रीशन एंड हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, 50 प्रतिशत किशोर लड़के और लड़कियां उचित नाश्ता नहीं करते हैं। यह अध्ययन तेलंगाना राज्य के 500 किशोरों के सर्वेक्षण पर आधारित है।
अध्ययन के मुताबिक, 50 फीसदी बच्चे सप्ताह के पांच दिन नाश्ते में चाय और बेकरी के सामान जैसे बिस्कुट या रोटी का सेवन करते हैं। वो उचित भोजन केवल वीकेंड में ही करते हैं।
शोधकर्ताओं उषा लक्षमी और डॉक्टर राजेंद्र राव ने पाया कि सुबह के नाश्ते का ऊर्जा स्तर पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। जो छात्र उचित नाश्ता नहीं करते हैं, वे आसानी से थक जाते हैं और ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ हैं।

डॉ राव ने कहा, '30 फीसदी छात्रों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है। उनमें खाने क गलत आदतें हैं। वो कार्बोहाइड्रेट, फैट और जंक फूड ज्यादा खाते हैं। इसका परिणाम सूक्ष्म पोषक तत्वों और आयरन की कमी के रूप में नजर आता है।
अधिकांश किशोरावस्था दो प्रकार के नाश्ते का ही उपयोग करती हैं, या तो बेकरी के सामान और पेय या पारंपरिक खाद्य पदार्थ। उससे उन्हें 50 कैलोरी तो मिल जाती है। लेकिन पूरे दिन के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों, प्रोटीन और आयरन नहीं मिल पाता है, इससे एनीमिया और ऊर्जा की कमी होती है।
लक्ष्मी ने कहा, 'आहार में कमी आगे चलकर पोषक तत्वों की कमी का कारण बनता है। अधिकांश किशोरों को उन खाद्य पदार्थों के बारे में मालूम नहीं है जिन्हें वे उच्च ऊर्जा के स्तर और पोषण की शिकायत के लिए खा रहे हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
