Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
50 फीसदी लड़के और लड़कियां नहीं करते ब्रेकफास्ट- स्टडी
न्यूट्रीशन एंड हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, 50 प्रतिशत किशोर लड़के और लड़कियां उचित नाश्ता नहीं करते हैं। यह अध्ययन तेलंगाना राज्य के 500 किशोरों के सर्वेक्षण पर आधारित है।
अध्ययन के मुताबिक, 50 फीसदी बच्चे सप्ताह के पांच दिन नाश्ते में चाय और बेकरी के सामान जैसे बिस्कुट या रोटी का सेवन करते हैं। वो उचित भोजन केवल वीकेंड में ही करते हैं।
शोधकर्ताओं उषा लक्षमी और डॉक्टर राजेंद्र राव ने पाया कि सुबह के नाश्ते का ऊर्जा स्तर पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। जो छात्र उचित नाश्ता नहीं करते हैं, वे आसानी से थक जाते हैं और ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ हैं।

डॉ राव ने कहा, '30 फीसदी छात्रों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है। उनमें खाने क गलत आदतें हैं। वो कार्बोहाइड्रेट, फैट और जंक फूड ज्यादा खाते हैं। इसका परिणाम सूक्ष्म पोषक तत्वों और आयरन की कमी के रूप में नजर आता है।
अधिकांश किशोरावस्था दो प्रकार के नाश्ते का ही उपयोग करती हैं, या तो बेकरी के सामान और पेय या पारंपरिक खाद्य पदार्थ। उससे उन्हें 50 कैलोरी तो मिल जाती है। लेकिन पूरे दिन के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों, प्रोटीन और आयरन नहीं मिल पाता है, इससे एनीमिया और ऊर्जा की कमी होती है।
लक्ष्मी ने कहा, 'आहार में कमी आगे चलकर पोषक तत्वों की कमी का कारण बनता है। अधिकांश किशोरों को उन खाद्य पदार्थों के बारे में मालूम नहीं है जिन्हें वे उच्च ऊर्जा के स्तर और पोषण की शिकायत के लिए खा रहे हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











