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व्हे प्रोटीन क्या है और यह कैसे बनता है?
व्हे प्रोटीन दूध से प्राप्त प्रोटीन का बेस्ट क्वालिटी है। इसमें अमीनो एसिड होते हैं, जो मसल्स निर्माण के लिए जरूरी हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे मानव शरीर द्वारा अवशोषित किया जा सकता है।
बहुत से लोग व्हे प्रोटीन को सेफ नहीं मनाते हैं। उनका मानना है कि लीवर और किडनियों के लिए नुकसानदायक होता है। आपको बता दें कि यह सच नहीं है।
आपने बचपन में बोर्नविटा, कॉम्पलेन और मिलो जैसी कई चीजों का सेवन किया होगा। क्या आपको नहीं लगता यह सप्लीमेंट्स ही हैं? इन्हें बनाने वाली कंपनियों का दावा होता है कि इन्हें खाने से बच्चे इनसे मजबूती मिलती है, हाईट बढ़ती है और दिमाग तेज होता है।
इनके बारे में कभी किसी ने नहीं कहा कि ये उत्पाद खराब होते हैं लेकिन प्रोटीन को लोग अभी भी खराब सप्लीमेंट मानते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि व्हे प्रोटीन कैसे बनाया जाता है और यह आपके लिए हानिकारक क्यों नहीं है।

डाइटरी सप्लीमेंट क्या है?
सप्लीमेंट का मतलब कोई ऐसी चीजो होता है, जिससे खाने से नहीं मिलने वाले पोषक तत्व की भरपाई होती है। यह उस पोषक तत्व की रिप्लेस नहीं करता है बल्कि उसकी पूर्ती करता है।

व्हे प्रोटीन क्या है?
व्हे प्रोटीन दूध से प्राप्त प्रोटीन का बेस्ट क्वालिटी है। इसमें अमीनो एसिड होते हैं, जो मसल्स निर्माण के लिए जरूरी हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे मानव शरीर द्वारा अवशोषित किया जा सकता है। कुल मिलाकर प्रोटीन को तेजी से अवशोषित किया जा सकता है।

व्हे प्रोटीन कैसे बनाया जाता है?
स्टेप 1
प्लांट में सबसे पहले दूध को पेस्टुराइजेशन प्रोसेस से गुजरना होता है। पास्चराइजेशन में, विभिन्न तापमानों पर दूध का टेस्ट किया जाता है। इस प्रोसेस में हानिकारक बैक्टीरिया मर जाते हैं।

स्टेप 2
दूध को पनीर बनाने वाले प्लांट में लाया जाता है, जहां इसे एंजाइम से प्रोसेस किया जाता है, जहां दूध से व्हे और कैसिइन अलग किया जाता है। उस दूध से, 80 फीसदी कैसीन मिलता है जिसका उपयोग कॉटेज पनीर और अन्य चीज़ों के लिए किया जाता है, जबकि शेष 20 फीसदी से व्हे बनता है।

स्टेप 3
लिक्विड व्हे को प्रोटीन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में भेजा जाता है, जहां इसे तुरन्त स्टेनलेस स्टील टर्बाइनों के विशाल वेब में लोड किया जाता है, जिनके पास विशेष सिरेमिक फिल्टर हैं। इस प्रक्रिया में इससे फैट और लैक्टोज अलग हो जाते हैं।

स्टेप 4
लिक्विड व्हे को एक बड़े ड्रायर में डाल दिया जाता है जिसमें पानी को सूखने के लिए गर्म और ठंडी हवा होती है और तरल से ठोस अलग होते हैं। इस पाउडर का 80-90 फीसदी व्हे रेश्यो हो सकता है।

स्टेप 5
कच्चे व्हे पाउडर में कुछ आर्टिफीसियल फ्लेवर मिलाए जाते हैं। इस प्रोसेस से आपके व्हे प्रोटीन को विभिन्न फ्लेवर मिल जाते हैं।

स्टेप 6
इसके बाद इसे साफ-सुथरे जार में पैक किया जाता है। लैब में जांच होने के बाद इसे कंपनी इसे बेचने के लिए भेज देती है।

क्या व्हे प्रोटीन को घर पर बनाया जा सकता है?
नहीं इसे घर पर नहीं बनाया जा सकता। प्रोटीन व्हे का 5 एलबी जार बनाने के लिए लगभग 720 पौंड कच्चा प्रोटीन लगता है। सेफ और हेल्दी प्रोसेस के लिए आपको महंगी मशीनें चाहिए जिन्हें लेना संभव नहीं है।



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