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सेब खाने से पहले इसके बीज निकाल दें, वर्ना हो सकती है मौत!
सेब, हमारी सेहत के लिए कितना गुणकारी यह बताने की जरूरत नहीं लेकिन यह पौष्टिक फल जानलेवा भी साबित हो सकता है। जी हां, आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा। सेब का बीज बेहद जहरीला होता है और इसे खाने से इंसान की मौत तक हो सकती है।
सेब के बीज में अमिगडलिन नाम का तत्व पाया जाता है और जब यह तत्व इंसान के पाचन संबंधी एन्जाइम के संपर्क में आता है तो यह सायनाइड रिलीज करने लगता है।
अमिगडलिन में सायनाइड और चीनी होता है और जब इसे हमारा शरीर निगल लेता है तो वह हाईड्रोजन सायनाइड में तब्दील हो जाता है।

इस सायनाइड से न सिर्फ आप बीमार हो सकते हैं बल्कि मौत का भी खतरा रहता है। हालांकि ऐक्सिडेंटली सेब का बीज खा लेने पर बेहद तीव्र जहरीलेपन के केस कम ही देखने को मिलते हैं।
कैसे काम करता है यह सायनाइड?
सायनाइड दुनिया का सबसे घातक जहर माना जाता है और सामूहिक आत्महत्या और केमिकल युद्ध के दौरान इससे होने वाली मौतों का लंबा इतिहास मौजूद है।
सायनाइड हमारे शरीर में ऑक्सिजन की सप्लाई को बाधित कर देता है। लेकिन शायद आप नहीं जानते होंगे कि अपने केमिकल फॉर्म के अलावा कुछ फलों के बीज में भी सायनाइड पाया जाता है। इनमें ऐप्रिकॉट यानी खुबानी, चेरी, आड़ू, आलूबुखारा और सेब जैसे फल शामिल हैं। इन बीजों के ऊपर बेहद मजबूत कोटिंग होती है जिससे अमिगडलिन इसके अंदर बंद रहता है।
सायनाइड की कितनी मात्रा खतरनाक है
सेब के करीब 200 बीज का चूरण जो करीब 1 कप के आसपास हुआ वह इंसान के शरीर के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। सायनाइड, हृदय और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है। कुछ रेयर केस में इंसान कोमा में जा सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है।
अगर ज्यादा मात्रा में सायनाइड का सेवन कर लिया जाए तो तुरंत सांस लेने में तकलीफ शुरू हो जाती है, दिल की धड़कन बढ़ जाती है, ब्लड प्रेशर लो हो जाता है और इंसान बेहोश हो जाता है।
अगर इस जहर से कोई शख्स बच जाता है तब भी उसके हृदय और मस्तिष्क को काफी नुकसान पहुंचता है। सायनाइड की थोड़ी सी मात्रा का सेवन करने पर भी चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, पेट में दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं देखने को मिलती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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