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एंटीबायोटिक दवाइयों की तरह असर करती हैं आपके किचन में मौजूद ये 7 चीजें
अगर आपको बहुत गंभीर इन्फेक्शन नहीं हुआ है तो एंटीबायोटिक दवाइयां खाने की बजाय आप घर में मौजूद कुछ नेचुरल एंटीबायोटिक का सेवन कर सकते हैं।
इस समय मौसम के अक्सर बदलने के कारण हर कोई किसी न किसी तरह के बीमारी और इन्फेक्शन से पीड़ित है। ऐसा कहा जाता है कि पहले जब इतनी हाई टेक्नोलॉजी और वातावरण में इतना प्रदूषण नहीं था तो लोग आज की तुलना में बहुत कम बीमार पड़ते थे। जैसे जैसे प्रदूषण बढ़ता गया, चीजों की तकनीकें बदलती गयी वैसे वैसे इंसान और ज्यादा बीमार होता जा रहा है। इसका कारण यह भी है कि आज के समय में लोगों की लाइफस्टाइल और खानपान पूरी तरह बदल गया है और दिन भर एक ही जगह बैठकर ऑफिस में काम करने से चलने फिरने की आदत भी कम हो गयी है।
इस मौसम में अधिकतर बीमारियाँ किसी बैक्टीरिया या वायरस से होने वाले इन्फेक्शन के कारण ही होती हैं। ये खतरनाक भी हैं और संक्रामक भी इस वजह से इनसे अपना बचाव करना बहुत ज़रूरी है।
वायरल फ्लू, कॉलरा, डायरिया, यीस्ट इन्फेक्शन और निमोनिया जैसी बीमारियां माइक्रोबियल इन्फेक्शन के कारण ही होती हैं। इन सभी बीमारियों के इलाज में डॉक्टर खासतौर पर मरीजों को एंटीबायोटिक दवाइयां खाने की सलाह देते हैं। हालांकि अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक खाने से साइड इफ़ेक्ट भी होता है जिससे अपच, थकान और आँखों और योनि में सूखेपन की समस्या होने लगती हैं।
इसलिए अगर आपको बहुत गंभीर इन्फेक्शन नहीं हुआ है तो एंटीबायोटिक दवाइयां खाने की बजाय आप घर में मौजूद कुछ नेचुरल एंटीबायोटिक का सेवन कर सकते हैं। बस इसके लिए आपको इतना करना होगा कि इन हेल्दी चीजों को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें जिससे आप किसी भी तरह के इन्फेक्शन से खुद को बचा सकें।
आइये जानते हैं ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जो एंटीबायोटिक की तरह असर करती हैं।

प्याज :
प्याक भी बिल्कुल एंटीबायोटिक की तरह असर करती है इसमें मौजूद क्वेरसेटिन (quercetin) नामक शक्तिशाली एंजाइम आपको वायरल फ्लू, सर्दी जुकाम इत्यादि बीमारियों से बचाता है। इसलिए सब्जियों में और सलाद के रूप में प्याज का सेवन ज़रूर करें।

लहसुन :
लहसुन में भी विभिन्न तरह की एंटीबैक्टीरियल क्षमताएं होती हैं। जिस वजह से इसके नियमित सेवन से बैक्टीरिया से फैलने वाले रोगों जैसे कि फ्लू, जोड़ों के दर्द और यीस्ट इन्फेक्शन में राहत मिलता है। इसलिए आप सब्जियां बनाते समय या दाल फ्राई बनाते समय लहसुन की कुछ कलियां ज़रूर डालें।

सेब का सिरका:
इस सिरके में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह बिल्कुल औषधि की तरह काम करती है। अगर आपको पेट में कोई इन्फेक्शन हुआ हो या फिर किसी तरह के फंगल इन्फेक्शन से पीड़ित हों तो इसका सेवन करें। इसके सेवन से कई तरह के इन्फेक्शन बहुत जल्दी ठीक हो जाते हैं।

लाल मिर्च:
तीखी लाल मिर्च में भी एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं और इसके सेवन से श्वसन तंत्र में होने वाले इन्फेक्शन से राहत मिलती है। हालांकि इसका ज्यादा इस्तेमाल आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है इसलिए इसकी सीमित मात्रा का ही सेवन करें।

अदरक:
अदरक के औषधीय गुणों के बारे में लगभग सबको पता है। अदरक बिल्कुल नेचुरल एंटीबायोटिक की तरह काम करती है और बॉडी में इन्फेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में मदद करती है। इसके नियमित सेवन से वायरल फीवर और सर्दी जुकाम जैसी समस्याओं में तुरंत आराम मिलता है।

हॉर्सरैडिश :
हॉर्सरैडिश (Horseradish) एक नेचुरल औषधि है जिसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटीपैरेस्टिक गुण होते हैं। इस कारण से यह हर तरह के माइक्रोबियल इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करती है। जो लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं वे इसके सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

हल्दी:
हर घर में इस्तेमाल होने वाले हल्दी में भी कई तरह के औषधीय गुण होते हैं। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण यह आपको हर तरह के माइक्रोबियल इन्फेक्शन से बचाने में बहुत असरदार है। अगर आप सर्दी-जुकाम से पीड़ित हैं या फिर आपके जोड़ों में दर्द हो रहा है तो डाइट में हल्दी का सेवन बढ़ा दें। रोजाना सब्जी बनाते समय उसमें एक चम्मच हल्दी ज़रूर डालें।



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