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यदि रात में बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है तो कम करें खाने में नमक
जिन लोगों को रात में बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है उनके लिए अच्छी खबर है। रिसर्च से पता चला है कि केवल नमक की मात्रा कम करके इससे बचा जा सकता है।
जिन लोगों को रात में बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है उनके लिए अच्छी खबर है। रिसर्च से पता चला है कि केवल नमक की मात्रा कम करके इससे बचा जा सकता है।
बार-बार रात में पेशाब जाना यानि नोक्टुरा की समस्या 60 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में होती है। हालांकि दिखने में यह एक सामान्य समस्या लगती है लेकिन ढंग से नहीं सो पाने के कारण तनाव, चिड़चिड़ापन या थकान जैसी चीजें होती हैं जिससे हमारी ज़िंदगी प्रभावित होती है।
लंदन में यूरोपीय सोसायटी ऑफ युरोलॉजी कांग्रेस में प्रस्तुत अध्ययन के अनुसार अपने खाने में थोड़ा सा बदलाव कर इस समस्या से निपटा जा सकता है।

अध्ययन के अनुसार, खाने में नमक कम करने से दिन और रात में ज़्यादा पेशाब जाने की परेशानी का निदान संभव है। जापान में नागासाकी यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता मात्सुओ टोमोहिरो के अनुसार "रात में पेशाब ज़्यादा जाने की समस्या से अधिक उम्र के लोग ज़्यादा परेशान होते हैं। अपने खान-पान में थोड़ा बदलाव कर ये लोग अपने जीवन स्तर को बेहतर कर सकते हैं।"
अध्ययनकर्ताओं ने 321 पुरुषों और महिलाओं के समूह पर अध्ययन किया जो कि खाने में नमक ज़्यादा लेते थे और रात को सोने में इनको समस्या थी।
इन पेशेंट्स को नमक की मात्रा कम करने की सलाह दी गई। उन्होने ऐसा 12 सप्ताह तक किया, और उनके नमक के सेवन का बायोकेमिकल रूप से परीक्षण किया गया।

इस जांच के दौरान, 223 लोगों ने अपने खाने में नमक की मात्रा 10.7 ग्राम प्रतिदिन से 8.0 ग्राम प्रतिदिन कर लिया। इस समूह में, रात में पेशाब जाने की फ्रिक्वेंसी 2.3 टाइम से 1.4 टाइम हो गई।
इसके विपरीत, 98 प्रतिशत ने रात में अपना नमक का सेवन 9.6 ग्राम से 11 ग्राम बढ़ा लिया, जिससे रात में पेशाब जाने की फ्रिक्वेंसी 2.3 टाइम से बढ़कर 2.7 टाइम हो गई।
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि दिन में भी खाने में नमक की मात्रा कम करने से पेशाब जाना कम हुआ। टोमोहिरो के अनुसार "नमक की मात्रा के सेवन का पेशाब पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने वाली यह पहली स्टडी हैं, हमें इसके पुख्ता परिणामों के लिए आगे और भी स्टडीज़ करनी होंगी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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