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Vitamin K की कमी से आपको हो सकते हैं ये गंभीर रोग
बाकी सारे न्यूट्रीयेंट्स जैसे कि विटामिन A, D,C, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन आदि की ही तरह विटामिन K भी हमारे शरीर के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। विटामिन K ब्लड क्लोटिंग में अहम रोल निभाता है जिसकी वजह से यह आतंरिक और बाहरी ब्लीडिंग को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। ज्यादा ब्लड का प्रवाह आपके शरीर के लिए निर्णायक हो सकता है।
विटामिन K एक प्रोटीन का निर्माण करता है जोकि क्लोटिंग की प्रक्रिया की शुरुआत करता है। विटामिन K को दो भागों में बांटा गया है एक है विटामिन K1 और दूसरा है विटामिन K2। आपको बता दें कि विटामिन K1 हरी और पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक आदि में पाया जाता है जबकि विटामिन K2 मनुष्य की आंतो में पाया जाता है। आजकल विटामिन K की कमी उन लोगों में ज्यादा होती है जी लोग हरी सब्जियों के बजाय जंक और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करते हैं।

वयस्कों की तुलना में छोटे बच्चों में विटामिन K की कमी ज्यादा देखने को मिलती है जिसे विटामिन K डेफिशियेंसी ब्लीडिंग कहा जाता है। लेकिन जब इसकी कमी वयस्कों में हो जाती है तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक हो जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको वयस्क लोगों में विटामिन K की कमी से होने वाली बीमारियों के बारे में बताने रहें हैं।

1- हार्ट की समस्या:
मनुष्य की आंतो में पाया जाने वाला विटामिन K2 सीधे आरटेरियल कैल्सीफिकेसन से जुड़ा होता है। इसकी कमी से मैट्रिक्स कार्बोक्सीलेटेड ग्लुटामेट प्रोटीन का निर्माण होता है जो ह्रदय से जुडी समस्याओं के लिए जिम्मेदार होता है। स्टडी में यह पाया गया है कि लगभग 57% लोग जिनमे विटामिन K2 की कमी होती है वो कार्डियक अरेस्ट की वजह से मर जाते हैं। इसलिए आप इसकी कमी को पूरा करने के लिए हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करें ताकि आपको विटामिन K मिल सके।

2- कैंसर:
आदमी की मौत तो कभी भी हो सकती है लेकिन आजकल ज्यादातर लोग कैंसर की वजह से मर रहें हैं। विटामिन K में एंटी-कैंसर गुण होता हैं जो आपको इससे बचाते हैं। लेकिन जब इसकी कमी हो जाती है तो आपको कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है और इससे आपके फेफड़े, ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल और प्रोस्टेट ग्लैंड प्रभावित होते हैं। अध्ययन में यह पाया गया है कि 35 से 64 साल के लोगों में विटामिन K की ज्यादा कमी होती है और ज्यादातर लोग प्रोस्टेट कैंसर से मर जाते हैं। इसलिए आप अपनी डाइट में विटामिन K युक्त पदार्थ शामिल करना चाहिए।

3- ऑस्टियोपोरोसिस:
विटामिन K शरीर के लिए बहुत ही जरुरी न्यूट्रीयेंट्स होता है। यह ना केवल आपके ब्लड क्लोटिंग के लिए जरुरी है बल्कि आपकी हड्डियों के मेटाबोलिज्म के लिए भी जरुरी है। क्लीनिकल रिसर्च के अनुसार विटामिन K की कमी से ऑस्टियो-पोरोसिस की समस्या होने लगती है और खासतौर पर उन लोगों में जिनकी उम्र 40 साल से ज्यादा है, जिससे उनकी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इसलिए आप पालक, मीट आदि का सेवन करें जिनमें विटामिन K होता है।

4- ज्यादा ब्लीडिंग:
विटामिन K आपकी आतंरिक और बाहरी ब्लीडिंग को रोकता है। इसकी कमी से छोटी से छोटी चोट में भी आपकी ब्लीडिंग ज्यादा होने लगती है जिससे आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से आपको कार्डियक अरेस्ट या फिर एनीमिया भी हो सकता है। इसलिए आप ऐसे फूड्स का सेवन करें जिनमें विटामिन K प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

5- आसानी से चोटिल होना:
जीवन में कम से कम एक बार हममें से सभी को कुछ ना कुछ चोट जरुर लगी है। लेकिन अगर किसी आदमी में विटामिन k की कमी होगी तो इस छोटी चोट की वजह से भी उसकी ब्लीडिंग ज्यादा होगी। इसलिए जो लोग ऐसे पदार्थों का सेवन करते हैं जिनमें विटामिन k पाया जाता है तो उनमे ज्यादा ब्लीडिंग होने की संभावना कम होती है।

6- हड्डियों का कमजोर होना:
आदमी की 40 साल के उम्र के बाद उसकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और उनमें फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए ऐसे लोगों को विटामिन k युक्त फूड्स लेना चाहिए जिससे उनकी हड्डियों का मेटाबोलिज्म अच्छा रहता है और उम्र बढ़ने के साथ ही उन्हें मजबूती भी मिलती है।

7- एजिंग:
अपनी उम्र से ज्यादा बड़ा दिखने का मतलब होता है कि आपके शरीर में विटामिन k की कमी है। विटामिन k आपके त्वचा से दाग धब्बों को निकालने का काम करता है और उसे चमकदार बनाता है। लेकिन अगर आपको विटामिन k की कमी है तो आपको हड्डियों और हार्ट से जुडी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं जिसकी वजह से आप अपनी उम्र से ज्यादा के लगने लगते हैं। इसलिए नार्मल, एक्टिव और हेल्दी लाइफस्टाइल बनाने के लिए आप को चाहिए कि आप विटामिन k युक्त खाद्य- पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें।

8- बर्थ डिफेक्ट:
विटामिन k की कमी ज्यादातर बच्चों में देखने को मिलती है। इन परिस्थितियों में उनमे कई तरह की बीमारियाँ होने की संभावना हो जाती है जैसे अविकसित हड्डियां, चेहरा, नाक या उंगलियाँ, याद्दास्त कम होना, बच्चे का विकास ना होना और ह्रदय से जुडु हुई समस्याएं आदि। इसलिए आप अपने बच्चों में विटामिन k के लेवल को हमेशा ही चेक करते रहें। याद रखें कि बाक़ी सभी न्यूट्रीयेंट्स की ही तरह विटामिन k भी शरीर के लिए बहुत जरुरी है इसलिए आप हरी सब्जियां और डाइटरी सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करें जिससे कि आप विटामिन k की कमी को पूरा कर सकें और एक हेल्दी और एक्टिव लाइफ जी सकें।



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