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ALERT! दिवाली पर खतरनाक रंगों की मिठाइयां करती हैं सीधा सेहत पर अटैक
दीपावली का त्योहार नज़दीक आ चुका है। इसके साथ गली गली में पटाखों की दुकान के साथ ही स्वादिष्ट मिठायों की भी दुकने सजने लगी हैं।
दिवाली इतनी शुभ होती है कि हर घर मे मिठाई का एक डिब्बा जरुर आता है। इस दिन लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों का मुंह जरुर मीठा करते हैं।
लेकिन यही मिठाइयां कुछ ही सालों में ज्यादा रंगीन हो चुकी हैं। अगर आप भी ये रंग-बिरंगी मिठाइयां खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि यह मिठाई त्योहार का मजा किरकिरा कर दे।
मांग बढ़ते ही मिलावटखोर सक्रिय हो चुके हैं। ये लोग एक तरफ पुराने व सिंथेटिक खोया का प्रयोग कर रहे हैं, तो दूसरे हानिकारक रंगों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

आप को बता दें कि मानकों के अनुसार मिठायों में केवल 100 PPM तक फूड कलर ही मिलाया जा सकता है। लेकिन अगर हलवाइयों ने इससे अधिक रंग मिलाया तो यह खतरनाक श्रेणी में माना जाएगा। शहरों और गांवों में दिवाली की वजह से मिठायों की डिमांड बढ़ जाने की वजह से दकानदार ऐसा काम कर रहे हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की सेहत पर पड़ रहा है।
मिठायां देखने में खूबसूरत लगें और लोग इन्हें झट से खरीद लें, इसलिये इसमें सिंथेटिक कलर तक भी मलाया जा रहा है। आइये जानते हैं रंगों से मिली मिठाइयों को खाने के बाद स्वास्थ्य पर क्या बुरा असर पड़ता है।

1. लिवर हो सकता है खराब
डॉक्टरों का कहना है कि अगर जहरीले रंगों वाली मिठाई ज्यादा खा ली जाए तो पेट से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।

2. शरीर के विकास को रोके
यदि आप गहरे पीले रंग के लड्डू खाते हैं तो समझ लें कि उसमे ओरामिन नामक तत्व मिला हुआ है जो शरीर के विकास को अवरुद्ध करता है साथ ही लीवर और किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है।

3. पेट के लिए खतरा
जलेबी और लड्डू में जो रंग मिलाया जाता उससे पेट, किडनी और लीवर पर खराब प्रभाव पड़ता है।

4. गर्भवती महिलाओं को खतरा
यही नहीं गर्भवती महिलाओं को तो इन रंग मिली मिठाइयों से तो हमशा ही दूर रहना चाहिये क्योकि उन्हें इससे सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है।

5. कैंसर का कारण
मिठायों को लाल रंग बनाने के लिये अलूरा रेड (Allura red) या लाल रंग का प्रयोग किया जाता है। जब चूहों पर इस रंग को टेस्ट किया गया तो उनमें यह कैंसर का कारण पाया गया।

6. पीले रंग से नुकसान
मिठाइयों को पीला रंग देने के लिये येलो जी (Yellow G), नामक कैमिल प्रयोग किया जाता है, इससे अस्थमा की समस्या बढ़ सकती है।

7. स्वभाव में चिड़चिड़ापन
रंग वाली मिठाइयां खाने से स्वभाव में चिड़चिड़ापन बेचैनी, डिप्रेशन और सोने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

8. (DNA) को नुकसान
मिठाइयों, कैंडी, केक की सजावट के लिये यूरेथ्रोसिन नामक रंग का इस्तेमाल किया जाता है। इससे आपके डीएनए को नुकसान पहुंचता है और पिट्यूटरी ग्लैंड (pituitary gland) के कार्य करने में बाधा आ सकती है।

9. इम्यून सिस्टम को नुकसान
रोडामाइन मिठाइयों को चमकदार और लाल बनाने के लिये प्रयोग हेाता है, जिससे रेड ब्लड सेल्स, किडनी, लिवर के अलावा बॉडी के इम्यून सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है

10. लेड पॉइजनिंग, एनीमिया, पेट दर्द
लेड क्रोमेट , चमकीला पीला होता है जिसे मिठाइयों और फूड आइटम्स को ब्राइट यलो कलर देने के लिये प्रयोग किया जाता है। इसको खाने से लेड पॉइजनिंग, एनीमिया, पेट दर्द, न्यूरोलाजिकल प्राब्लम्स, हायपरटेंशन जैसी बीमारियां हो सकती हैं।



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