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इन 3 तरीकों से पहचानें आपके आलू हो गए हैं जहरीले
आलू में न्यूरोटॉक्सिन होता है, जिसे सोलनिन कहा जाता है, इसके अधिक सेवन से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हम आपको तीन ऐसे तरीके बता रहे हैं जिनके जरिए आप पहचान सकते हैं कि आपके आलू जहरीले हो गए हैं
भला आलू किसे पसंद नहीं होते हैं? कोई भी सब्जी आलू के बिना अधूरी होती है। आलू से एक मिथक यह भी जुड़ा था कि इसे खाने से वजन बढ़ता है, जोकि गलत साबित हुआ।
इसमें कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जिन्हें बॉडी द्वारा ऊर्जा बनाने के लिए आसानी से बर्न किया जा सकता है। हालांकि कई ऐसे स्थिति होती है, जब आपको आलू का सेवन नहीं करना चाहिए।
आलू में न्यूरोटॉक्सिन होता है, जिसे सोलनिन कहा जाता है, इसके अधिक सेवन से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हम आपको तीन ऐसे तरीके बता रहे हैं जिनके जरिए आप पहचान सकते हैं कि आपके आलू जहरीले हो गए हैं और अब वो खाने लायक नहीं रहे।

जब आलू सिकुड़ने लगे
आलू एक ऐसी सब्जी है, जिसे अधिकतर लोग अधिक मात्रा में खरीद लेते हैं और लंबे समय तक धीरे-धीरे इस्तेमाल करते हैं। लंबे समय से रखे आलू खाने से बॉडी में टॉक्सिक जा सकते हैं। ऐसे आलू में झुर्रियां आ जाती है और वो सिकुड़ने लगते हैं। धूप के संपर्क में आने से उनमें सोलनिन पैदा हो सकता है, जो आपके लिए हानिकारक है।

जब आलू अंकुरित होने लगे
आलू को लंबे समय तक रखने से उनमें अंकुरित आने लगते हैं। अंकुरित आने से आलू में सोलनिन और चासोनिन की मात्रा बढ़ जाती है जोकि ग्लाइकोलोकॉल्ड्स पोइजन है। यह नर्वस सिस्टम के लिए बहुत हानिकारक हो सकते हैं। अगर आलू पर उगते समय ही अंकुरित है, तो कोई बात नहीं लेकिन अगर काफी दिनों तक रखने के बाद वो अंकुरित हो गए हैं, तो उन्हें फेंकना ही बेहतर विचार है।

जब आलू हरे होने लगे
ग्रीन-टिंगेड आलू ऐसे हैं जो प्रकाश में उगे हुए हैं और इसलिए उनका सोलनिन लेवल भी अधिक होता है। हालांकि हरे आलू को फेंकना सही विचार नहीं है। आप हरे हिस्से को काटकर उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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