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कब्ज पाचन तंत्र से जुड़ी एक आम समस्या है। जो की किसी भी आयु वर्ग के लोगो को प्रभावित कर सकती है। इस रोग की सबसे अच्छी बात यह है की इससे ग्रसित व्यक्ति अपने दिनचर्या में सुधार करके और कुछ घरलू उपायों से इस पर आसानी से काबू पा सकता है।
इससे पीड़ित व्यक्ति का पेट ठीक से साफ नहीं हो पाता, आंतों में तरल पदार्थो के अवशोशण में अधिक समय लगने के कारण उनमे ठंडा और कठोर मल अधिक एकत्रित होने लगता है जिसकी वजह से उस व्यक्ति को मल त्याग करने में काफी परेशानी होती है। रोगी को शौच साफ़ नहीं होता है, मल सूखा और कम मात्रा में निकलता है। शौच के दौरान पेट में बहुत दर्द होता है या घण्टों बैठे रहने पर निकलता है।

जहाँ आम तौर पर लोग दिन में कम से कम एक बार शौच करते हैं वहीँ कांस्टीपेशन का मरीज कई दिनों तक मल त्याग नहीं कर पाता। इस कारण से उसका पेट में भरीपन रहता है और भोजन में भी अरुचि हो जाती है। कब्ज के कारण कुछ लोगों को उल्टी भी हो जाती है और सर में दर्द भी बना रहता है।
कब्ज़ होने के कई कारण हो सकते हैं अनियमित भोजन, बासी भोजन करना, कम शारीरिक श्रम, मानसिक तनाव, अधिक चिकनाई वाला भोजन करना, और आंतों की कमजोरी। लेकिन इन सब से बचा भी जा सकता है। आइये जानते हैं इसे ठीक करने के कुछ प्राकृतिक उपाए।

1. नींबू
कब्ज को दूर करने में नींबू बहुत फायदेमंद है। यदि किसी को कब्ज हो तो रात को सोने से पहले एक नींबू पानी में निचोड़ कर दो चम्मच शक्कर डालकर पीना चाहिए। ऐसा करने से कब्ज धीरे धीरे ठीक होने लगेगा। नींबू शरीर में पाचक रसों के बनने में मदद करता है।

1. नींबू (1)
ये पाचन क्रिया को बेहतर रखने में भी मददगार है। नींबू विटामिन सी के गुणों से भरपूर होता है। साथ ही इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण भी होते हैं। जिससे त्वचा के दाग-धब्बे साफ हो जाते हैं और त्वचा पर निखार आता है।

2. अदरक
अदरक अपने औषधिये गुणों के लिए जानी जाती है। इसमें बहुत सारे विटामिन के साथ-साथ इसमें आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, क्लोरीन सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। साथ ही अदरक एक शक्तिशाली एंटीवायरल भी है। जिनकी शरीर को सुचारु रूप से चलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

2. अदरक
अदरक कई सारे गुणों की खान है और इसे विभिन्न तरीकों से उपयोग में लाया जा सकता है। अदरक पाचन तंत्र को भी अच्छा रखता है। पेट की ऐंठन और अपच को ठीक करता है। अदरक को ताजा और सूखा दोनों प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है।

3. सेब
रोजाना सेब का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे शरीर को आसानी से कोई भी रोग नहीं लगता। रोजाना सेब का सेवन आपके दिल को स्वस्थ रखता है। सेब को छिलके सहित खाना चाहिए। इसके साथ ही सेब को हमें सुबह के समय खाना चाहिए। सेब अगर खाली पेट खाया गया तो आपके शरीर का टॉक्सिक (गंदगी) आसानी से बाहर निकल जायेगी। और एनर्जी भी ज्यादा मिलेगी। सुबह खाली पेट सेब खाने से पेक्टिन लैक्टिक एसिड की रक्षा कर, लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया के पेट में अच्छी तरह से विकसित होने में मदद करते हैं। बड़ा हुआ लैक्टिक एसिड कब्ज के उपचार और रोकथाम के रूप में कार्य करता है और कार्सिनोजन खत्म करने में मदद करता है।

विधि
सामग्री:
1. दो बड़ा चम्मच ताजा नींबू का रस
2. 1/2 चम्मच नमक
3. 1 चम्मच अदरक का रस
4. 1/2 कप शुद्ध, सेब का रस
5. 1/2 कप गर्म, शुद्ध पानी।

तैयार करने की विधि
एक बर्तन में आधा कप पानी को अच्छे से गर्म करे। अब इसे एक गिलास में निकाल कर, इसमें नमक, अदरक का रस, नींबू का रस और सेब का रस मिलाएं और पी जाएँ।

तैयार करने की विधि
इसे आप दिन में दो से तीन बार पी सकते हैं। जैसे सुबह नाश्ते से पहले, दोपहर के खाने से पहले और शाम को खाने से पहले। इसे आप हफ्ते एक से दो बार पीएं। आप देखेंगे कि आप की पाचन क्रिया में काफी सुधार हो रहा है।



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