नेस्ले ने माना मैगी में है सीसा, जानिए इसके नुकसान

पूरे देशभर में चाव से खाई जाने वाली मैगी के ल‍िए फिर से मुश्किलें बढ़ गई है। मिनटों में आसानी से बनने वाली मैगी नूडल्‍स को सेहत के ल‍िहाज से नुकसानदायक घोषित करार कर दिया गया है। नेस्ले इंडिया के इस नूडल प्रोडक्ट में सीसा यानी लेड पाए जाने के मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कार्रवाई के लिए मंजूरी दे दी है। सरकार ने नेस्ले पर अनुचित और भ्रामक प्रचार का आरोप लगाते हुए 640 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग की है। मैगी में जरुरत से ज्‍यादा मौजूद लेड काफी आपके और आपके बच्‍चों के ल‍िए नुकसानदायक साबित हो सकती है, ये मस्तिष्‍क पर बहुत असर करती है।

Maggi Controversy resurfaces, Nestle admits to lead content in Maggi

क्या था पूरा मामला ?

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने जून, 2015 में निश्चित सीमा से अधिक लेड (सीसा) पाए जाने के कारण नेस्ले के लोकप्रिय नूडल ब्रांड मैगी को प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद कंपनी को बाजार से अपने उत्पाद वापस लेने पड़े थे और इसके बाद सरकार ने एनसीडीआरसी का रुख किया था। लेकिन सरकार के इस शिकायत पर नेस्ले इंडिया ने आपत्ति जताई और उसके वकीलों का कहना था कि मैगी में तय मानक से ज्यादा लेड(सीसा) मौजूद नहीं है।

तब सुप्रीम कोर्ट ने एनएसडीआरसी की ओर से की जा रही सुनवाई पर रोक लगाई थी। हलांकि इस दौरान मैगी का पूरे देश में भारी विरोध हुआ था। धीरे धीरे नेस्ले ने दोबारा उपभोक्ताओं को विश्वास में लिया था लेकिन अब वकीलों ने साफ मान लिया है कि उस वक्त मैगी में ज़रूरत से ज्यादा लेड मौजूद था।

मैगी में कितनी लैड

मैगी में लेड की मात्रा 0.01 से 2.5 पीपीएम तक ही होनी चाह‍िए जबकि 2015 में मैगी में लेड की मात्रा 17.2 पीपीएम पाई गई। जिसके बाद इसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई थी।

ज्‍यादा लैड खाने से नुकसान

फूड सेफ्टी के नियमों के मुताबिक, अगर प्रोडक्‍ट में लेड और मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट (एमएसजी) का इस्‍तेमाल किया गया है तो पैकेज पर इसक जिक्र करना अनिवार्य होता है।
ये रसायन शरीर के ल‍िए बहुत ही घातक होते है। आइए जानते है इनसे होने वाले नुकसान।

  1. एमएसजी से मुंह, सिर या गर्दन में जलन
  2. स्किन एलर्जी
  3. हाथ-पैर में कमजोरी
  4. सिरदर्द
  5. पेट संबंधी दिक्‍कतें
  6. किडनी फेल
  7. बच्‍चे के विकास में रुकावट
  8. नर्व डेमेज होना
  9. अपच की समस्‍या

डॉक्‍टर्स का कहना है किलेड की मात्रा ज्‍यादा लेने से व्‍यक्ति को न्‍यूरोलॉज‍िकल दिक्‍कतें, ब्‍लड सर्कुलेशन में समस्‍या किडनी फेल की नौबत आ सकती है। Most Read : न सिर्फ मैगी में ही बल्‍कि इन चीज़ों में भी होता है घातक लेड

बच्चों और गर्भवती महिलाएं रहे दूर

लेड की थोड़ी सी भी अधिक मात्रा का इस्तेमाल करने से आपके तांत्रिका तंत्र पर प्रभाव पड़ता है। इसल‍िए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इसके संपर्क में आने से रोकने की सलाह दी जाती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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