स्वाद ही नहीं सेहत से भी भरपूर होते हैं मुरमुरे, जानिए

मुरमुरे जिन्हें पफ्फड राइस भी कहा जाता है, स्नैकिंग के लिए एक अच्छा ऑप्शन है। अधिकतर लोग इन्हें भेलपुरी, झालपुरी, चिक्की या लड्डू के रूप में सेवन करते हैं। हल्की भूख लगने पर जब कुछ हल्का और टेस्टी खाने का मन करता है तो अक्सर मुरमुरों की याद आती है। लेकिन क्या आपको पता है कि यह मुरमुरे न सिर्फ स्वाद को बढ़ाते हैं बल्कि सेहत का भी उतना ही ख्याल रखते हैं। इनमें प्रोटीन, ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, पोटेशियम, नियासिन, थायमिन और राइबोफ्लेविन जैसे कई पोषक तत्व होते हैं। यह आपकी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको मुरमुरे खाने से मिलने वाले कुछ लाभों के बारे में बता रहे हैं-

बढाए एनर्जी लेवल

बढाए एनर्जी लेवल

आपको शायद पता ना हो लेकिन मुरमुरे का सेवन करने से शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ता है। मुरमुरे में काफी मात्रा में कार्बोहाइड्रेड होता है, ग्लूकोज में परिवर्तित करता है। यह ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। ये शरीर में 60 से सत्तर प्रतिशत ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

बेहतर पाचन तंत्र

बेहतर पाचन तंत्र

अगर आप चाहते हैं कि आपका पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करे तो ऐसे में आप मुरमुरे को अपनी डाइट में अवश्य शामिल करें। दरअसल, मुरमुरे खाने से पाचन क्रिया ठीक रहती है और कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है। मुरमुरे में भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को सही रखने में मदद करता है। इसका सेवन करने के बाद पेट काफी देर तक भरा रहता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं

मुरमुरे में भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल और फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जल्दी बीमार होने का खतरा कम होता है। वर्तमान हालात को देखते हुए मुरमुरे का सेवन बेहद ही आवश्यक हो जाता है।

सीलिएक रोगी के लिए बेहतर ऑप्शन

सीलिएक रोगी के लिए बेहतर ऑप्शन

सीलिएक रोग से पीड़ित रोगी के लिए मुरमुरे का सेवन एक बेहतर विकल्प है। बता दें कि सीलिएक रोग पाचन से जुड़ी एक आम समस्या है, जिसमें छोटी आंत में सूजन आ जाती है। जिसके कारण आंत पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है और दस्त, पेट दर्द और ब्लोटिंग जैसी समस्या होती है। ऐसे में रोगी को विशेष रूप से अपनी डाइट पर ध्यान देना होता है। चूंकि मुरमुरे ग्लूटेन मुक्त होते हैं और इस रोग के रोगी को ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे गेहूं, राई और जौ आदि का सेवन करने से मना किया जाता है। तो वह मुरमुरे का सेवन बेहद आसानी से कर सकते हैं।

नहीं बढ़ेगा वजन

नहीं बढ़ेगा वजन

अधिकतर लोग कुछ भी खाने से पहले उसके कैलोरी काउंट को अवश्य चेक करते हैं। लेकिन मुरमुरे को लेकर आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है, जिसके कारण इसका सेवन वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। साथ ही इसमें भरपूर मात्रा में डायटरी फाइबर भी होता है, जिससे इसे खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और भूख कम लगती है।

Story first published: Sunday, February 6, 2022, 9:00 [IST]
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