वेट लॉस के लिए वेजिटेरियन या नॉन-वेज डाइट, किसका करें सेवन

वेट लॉस करना बहुत से लोगों के लिए किसी जंग को जीतने से कम नहीं होता है। ऐसे लोग वजन कम करने की जद्दोजहद में जुटे रहते हैं, लेकिन फिर भी उनका वजन कम नहीं होता है। इस स्थिति में सबसे जरूरी है कि आप अपनी डाइट पर ध्यान दें। वेट लॉस के लिए लोग अलग-अलग तरह की डाइट का सेवन करने की सिफारिश करते हैं। जहां कुछ लोग यह मानते हैं कि वेजिटेरियन डाइट में प्रोटीन पर्याप्त नहीं होता है और इसलिए वजन कम करने में समस्या होती है। वहीं, दूसरी ओर नॉन-वेज डाइट भले ही प्रोटीन रिच हो, लेकिन इसमें फैट कंटेंट भी काफी अधिक होता है

Best Diet For Weight Loss in hindi

हो सकता है कि आप भी इसी कशमकश में हों कि आपको वेट लॉस के लिए वेजिटेरियन या नॉन-वेज डाइट में से किसका सेवन करें। तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आज इस लेख में हम आपको इन दोनों डाइट के बीच के अंतर के बारे में बता रहे हैं-

वेजिटेरियन डाइट के फायदे

वेजिटेरियन डाइट का सेवन करने से आपको कई फायदे मिल सकते हैं। मसलन-

• वेजिटेरियन लोग कम मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने है, लेकिन वे हाई प्रोटीन डाइट से जुड़ी समस्याओं जैसे ऑस्टियोपोरोसिस और किडनी फेलियर से भी बच जाते हैं।

• वेजिटेरियन डाइट में एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे विटामिन ई और सी के साथ-साथ कैरोटीन भी पाए जाते हैं। अमूमन फल व सब्जियों में कई तरह के विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं, जो सेहत को लाभ पहुंचाते हैं।

• इसके अतिरिक्त, वे कम मात्रा में सैचुरेटिड फैट का सेवन करते हैं। जिससे सेहत को लाभ मिलता है।

वेजिटेरियन डाइट के नुकसान

• शाकाहारियों में विटामिन बी12 की कमी पाई जाती है, क्योंकि यह मुख्य रूप से मीट, अंडे और मछली में पाया जाता है। विटामिन बी 12 की कमी से थकान, सांस की तकलीफ जैसी कुछ समस्याएं हो सकती हैं।

• वेजिटेरियन डाइट में प्रोटीन की कमी के साथ आयरन और जिंक की कमी भी हो सकती है।

नॉन-वेज डाइट के लाभ

• इस तरह की डाइट में लोग मीट, अंडे व मछली आदि का सेवन करते है, जिससे उन्हें पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी 12 मिलता है।

• नॉन-वेज डाइट को प्रोटीन रिच माना गया है। प्रोटीन ना केवल मसल्स बिल्डअप में मददगार है, बल्कि यह वेट लॉस में भी अहम् भूमिका निभाता है।

नॉन-वेज डाइट के नुकसान

• मीट प्रोडक्ट्स अमूमन सैचुरेटिड फैट से फुल होते हैं और इसलिए ये हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ाते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि नॉन-वेज डाइट लेने वाले लोग कई तरह की क्रॉनिक डिसीज से पीड़ित होते हैं

• ऐसे लोगों में डायबिटीज, हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है।

• नॉन-वेज लोग वेजिटेरियन फूड जैसे सब्जियां और फल काफी कम मात्रा में खाते हैं। जिससे उन्हें कई तरह के विटामिन और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते हैं।

किस डाइट का करें सेवन

अब सवाल यह उठता है कि वेट लॉस डाइट के लिए वेज या नॉन-वेज डाइट में से किसका सेवन किया जाए। लेकिन किसी एक डाइट को बेहतर करना उचित नहीं होगा। इन दोनों ही डाइट के अपने फायदे व नुकसान है। आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि वजन कम करना केवल एक या दो दिन में संभव नहीं है। इसके लिए आपको धैर्य और लगातार प्रयासों की जरूरत होती है। वेट लॉस के लिए डाइट के अलावा एक्सरसाइज और नींद भी उतनी ही आवश्यक है। आप चाहें किसी भी डाइट को फॉलो करें, लेकिन फिर भी आपका तरीका सही होना चाहिए। साथ ही, आपको अपने पोर्शन साइज का भी ध्यान रखना चाहिए। इससे आपको वजन कम करने में मदद मिलती है। आप अपने आहार के साथ-साथ खुद को हाइड्रेटेड रखने की कोशिश करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, January 17, 2023, 19:30 [IST]
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