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हॉट फ्लैशेस से बचने के लिए डाइट में शामिल करें ये लॉकल फूड, रुजुता दिवेकर दिवेकर ने शेयर किए 3 फूड
चालीस से पचास की उम्र के बीच जब महिलाओं को मेनोपॉज शुरू होता है तो उनके शरीर में हार्मोनल बदलाव होता है। जिससे उन्हें स्किन पिगमेंटेशन से लेकर बालों का झड़ना, बहुत अधिक भूख लगना, ब्लोटिंग व इरिटेशन आदि की समस्या होती है। लेकिन इन सभी समस्याओं में से हॉट फ्लैशेस एक ऐसी समस्या है, जिससे महिलाएं सबसे अधिक परेशान रहती हैं। हॉट फ्लैशेस में महिला को बहुत अधिक गर्मी महसूस होने के साथ ही शरीर से खूब पसीना आता है। लेकिन हाल ही में सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर करके ऐसे तीन फूड्स के बारे में बताया हैं, जो हॉट फ्लैशेस की समस्या को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं-

नारियल की बर्फी
नारियल की बर्फी जिसे कोपरा पाक भी कहते है, हॉट फ्लैशेस को मैनेज करने में ये खूब मदद कर सकता है। आप इसका एक पीस सुबह 11 बजे या दोपहर के भोजन के बाद ले सकती हैं। बता दें कि नारियल में एसेंशियल फैटी एसिड होते हैं। ये फैटी एसिड शरीर में खोई हुए ऊर्जा को रिस्टोर करने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, नारियल में लॉरिक एसिड भी होता है जो यह एक ऐसा पोषक तत्व है जो नारियल के अलावा केवल मां के दूध में मौजूद होता है। कुछ महिलाओं को मेनोपॉज और प्री-मेनोपॉज के दौरान शुगर क्रेविंग्स होती हैं, लेकिन नारियल की बर्फी के सेवन से उनकी यह शुगर क्रेविंग्स भी शांत हो जाती हैं।

तिल की चटनी
तिल की चटनी भी हॉट फ्लैशेस से बचने के लिए अच्छी है। यह चटनी करेले के छिलके और तिल से बनाई जाती है। आप इसे करेले के अलावा दूधी, कद्दू आदि के साथ भी बना सकती है। तिल की चटनी आपके शरीर में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही तिल में कैल्शियम अच्छी मात्रा में होता है और इस तरह यह हड्डियों के खनिज घनत्व के लिए अच्छा है। यह लोकल चटनी पिगमेंटेशन से लेकर गैस, सूजन और एसिडिटी आदि समस्याओं को भी मैनेज करती है।

कच्चे केले के चिप्स
ये सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जिनकी एक महिला को आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए, इन चिप्स में विटामिन बी 6 पाया जाता है, जो आपकी नसों को शांत करने में मदद करता है। इतना ही नहीं, यह आपके नमकीन खाने की इच्छा को कम करने में भी मदद करता है।



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