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नकली प्रोटीन और सप्लीमेंट्स की बिक्री के बढ़ रहे हैं मामले, खरीदने से पहले चेक करें ये चीजें
जिम जाने और बॉडीबिल्डिंग करने वाले मसल्स गेन के लिए प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। बाजार में कई ब्रांड के प्रोटीन पाउडर उपलब्ध है। प्रोटीन पाउडर ऐसे में नकली प्रोटीन और असुरक्षित सप्लीमेंट्स के बहुत से मामले आ रहे हैं। गलत प्रोटीन लेने की वजह से लोगों की सेहत को नुकसान भी हो रहा है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडवीय ने नकली प्रोटीन पाउडर की हो रही बिक्री का मामला उठाया। स्वास्थ्य एवं जन कल्याण मंत्रालय के मुताबिक साल 2022 से 2023 में नकली और असुरक्षित प्रोटीन की बिक्री के 40000 से भी ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। यहां जानते है प्रोटीन पाउडर खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

202 प्रोटीन के सैम्पल निकले घटिया
मनसुख मांडविया ने लोक सभा में बताया कि इस साल मार्च में FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने अलग-अलग सरकारी संगठनों के साथ मिलकर एक स्पेशल अभियान चलाकर बाजार में गैरकानूनी और नकली हेल्थ सप्लीमेंट्स पर नजर रखने के लिए निर्देश दिए गए थे।
इस अभियान के तहत देश भर में अलग- अलग प्रोटीन बनाने वाले कंपनियों के 1326 नमूने इक्ट्ठे किए गए और 1229 को टेस्टिंग के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया। सरकार के पास आई रिपोर्टों के अनुसार 202 नमूने संबंधित खाद्य उत्पादों के मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं और FSS अधिनियम के तहत दंडात्मक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की गई है।
गलत सप्लीमेंट्स लेने के नुकसान
एक्सपर्ट की मानें तो सप्लीमेंट्स शरीर में हो रही पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए लिया जाता है। लेकिन बाजार में बिक रहे नकली सप्लीमेंट्स लेने के कारण शरीर में एलर्जी भी हो सकती है। आयरन सप्लीमेंट्स खाने से कई बार जी मचलाना या फिर कब्ज की समस्या हो सकती है। कई बार नकली प्रोटीन पाउडर खाने से जान जाने के मामले भी सामने आए हैं। वजन घटाने के लिए भी अगर आप ये सप्लीमेंट्स खाते हैं तो ऐसे में इसे खरीदने से पहले चिकित्सक से सलाह लें।
*नकली उत्पाद में हमेशा नाम को लेकर कुछ गलती होती है। नामी कंपनी के कलर या लोगो को की नकल कर इसकी पैकिंग की जाती है।
*मैन्युफेक्चरिंग डेट को जरूर देखें क्योंकि कुछ उत्पाद में बनने की तारीख आगे की होती है यानी 2018 में खरीदते वक्त सप्लीमेंट पर 2019 लिखा होता है।
*सप्लीमेंट खरीदते वक्त एलओटी नम्बर जरूर चेक करना चाहिए। अगर इसकी बनावट गलत है तो आपको मान लेना चाहिए की सप्लीमेंट नकली है।
*सप्लीमेंट खरीदते वक्त FASSI का अप्रूवल चैक करें। असली सप्लीमेंट आप तक पहुंचने से पहले कई टेस्ट और क्वालिटी चेक होकर गुजरता है।
*सील और होलोग्राम चेक करें अगर उत्पाद के सील से छेडख़ानी की गई होगी तो पता चल जाएगा। होलोग्राम से भी प्रोडक्ट के आर्टिफिशियल होने का पता लग जाता है।
*बार कोड या क्यूआर कोड चेक करें। सबसे कारगर और सही तरीका यही है कि आप बार कोड या क्यूआर कोड की जांच कर लें।
*प्रोडक्ट की जानकारी के लिए ऑनलाइन चेक करें डिटेल की जांच करें, नकली है या असली सबूत आपके सामने होगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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