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दिलजीत दोसांझ के गॉलब्लैडर में 10 साल से है पथरी, नहीं कराई सर्जरी; जानें इलाज टालने से क्या हो सकता है?
Diljit Dosanjh: मशहूर पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 10 साल पहले उनके गालब्लैडर (पित्ताशय) में पथरी हुई थी। यह पथरी 11 से 12mm के बीच थी, लेकिन आज तक उन्होंने इसकी सर्जरी नहीं कराई है। दिलजीत ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी की सलाह दी थी, लेकिन एक दोस्त के कहने पर उन्होंने सर्जरी ना करवाने का फैसला लिया। इस खबर के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है कि गालब्लैडर की पथरी का इलाज न कराना कितना रिस्की हो सकता है और अगर लंबे समय तक पथरी का इलाज न कराया जाए तो इससे क्या दिक्कतें हो सकती हैं? आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

गालब्लैडर पथरी क्या है और कैसे बनती है?
नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट-यूरोलॉजी डॉ. हरीश कासवान बताते हैं कि गालब्लैडर पथरी, जिसे गॉलस्टोन भी कहा जाता है, पित्ताशय में बनने वाले सख्त कण होते हैं। यह समस्या तब होती है जब पित्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन या अन्य पदार्थों का संतुलन बिगड़ जाता है और वे धीरे-धीरे जमने लगते हैं। समय के साथ ये जमाव छोटे या बड़े पत्थरों का रूप ले लेते हैं। कुछ लोगों में केवल एक पथरी बनती है, जबकि कई लोगों के पित्ताशय में एक साथ कई पथरियां हो सकती हैं। गालब्लैडर स्टोन की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके लक्षण लंबे समय तक दिखाई नहीं देते, इसलिए कई बार मरीज को इसकी जानकारी तब मिलती है जब दर्द या अन्य परेशानियां शुरू हो जाती हैं। हालांकि यह शुरुआत में शांत रह सकती है, लेकिन समय के साथ पित्त के सामान्य प्रवाह में रुकावट डालकर सूजन, संक्रमण, पीलिया और अन्य गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।
गालब्लैडर स्टोन के लक्षण
पेट के ऊपरी हिस्से या दाईं तरफ तेज और असहनीय दर्द
दर्द का कमर, पीठ या कंधे तक फैलना
बार-बार मतली और उल्टी होना
आंखों और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया)
पेशाब के रंग में बदलाव या पेशाब से जुड़ी परेशानी
भोजन के बाद पेट में भारीपन या बेचैनी महसूस होना
गॉलब्लैडर स्टोन का इलाज कैसे किया जाता है?
गॉलब्लैडर स्टोन का पता आमतौर पर अल्ट्रासाउंड जांच से लगाया जाता है। यदि पथरी परेशानी पैदा कर रही हो या जटिलताओं का खतरा हो, तो डॉक्टर गॉलब्लैडर हटाने की सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। सर्जरी के बाद भी अधिकांश लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं, हालांकि खानपान में कुछ सावधानियां बरतनी पड़ सकती हैं। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित वजन बनाए रखना, ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड से बचना तथा नियमित व्यायाम करना गॉलब्लैडर स्टोन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
गॉलब्लैडर स्टोन का इलाज न कराने पर क्या हो सकता है?
डॉ. हरीश कासवान के मुताबिक, गॉलब्लैडर में पथरी होने के बाद उसका इलाज न कराया जाए या पथरी लंबे समय तक बनी रहे तो कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। शुरुआत में भले ही कोई लक्षण न दिखें, लेकिन समय के साथ यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। इलाज में देरी होने पर पित्ताशय में बार-बार सूजन आ सकती है। इसके अलावा, पथरी पित्त की नली को ब्लॉक कर सकती है, जिससे पित्त का प्रवाह प्रभावित होता है और पीलिया या संक्रमण जैसी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। जब पित्त सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता तो पाचन प्रक्रिया भी प्रभावित होने लगती है। कुछ मामलों में पथरी के कारण अग्न्याशय में सूजन (पैंक्रियाटाइटिस) हो सकती है, जिससे पेट में तेज दर्द, मतली और उल्टी जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। वहीं, लंबे समय तक गॉलब्लैडर में पथरी बने रहने से गॉलब्लैडर कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है, हालांकि ऐसे मामले काफी दुर्लभ होते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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