Latest Updates
-
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी
Dimple Kapadia को 12 की उम्र में हुआ था कुष्ठ रोग, कितनी खतरनाक हैं ये बीमारी जानें
Dimple Kapadia once suffered from leprosy : बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया को भला कौन नहीं जानता हैं? आज भी वो फिल्म इंडस्ट्री में काफी एक्टिव हैं। डिंपल अक्सर अपने पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ की वजह से सुर्खियां में रहती हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक वक्त था जब डिंपल कुष्ठ रोग से पीड़ित थीं।
फिक्की फ्लो जयपुर चैप्टर से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वो 12 साल की थी जब उन्हें ये बीमारी हुई थी। उनकी कोहनी में ये बीमारी थी। हालांकि जब मैं इस मेडिकल कंडीशन के साथ मूवी के ऑडिशन के लिए पहुंची तो मुझे रिजेक्ट कर दिया, लेकिन बाद में ये मूवी उनकी झोली में आ गई। आइए इसी बहाने जानते हैं कि कुष्ठ रोग यानी लेप्रोसी आखिर कैसे कहते हैं और ये बीमारी कैसे फैलती हैं?

क्या हैं लेप्रोसी यानी कुष्ठ रोग?
आपको बता दें कि लेप्रोसी यानी कुष्ठ रोग को लेकर कई लोगों में गलतफहमी है कि यह रोग छूने से फैलता हैं। हाथ मिलाने, साथ उठने-बैठने से यह रोग फैलता है। लेकिन आपको बता दें कि यह कोई अछूत बीमारी नहीं हैं बल्कि बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारी है। कुष्ठ रोग का इलाज आसानी से हो सकता है। इसके शुरुआती लक्षण की जानकारी लगते ही तुरंत इलाज कराने से बीमारी जल्दी दूर हो जाती है। कुष्ठ रोग को हेन्संस रोग भी कहते हैं, जो माइक्रोवेक्टीरियमलैप्री नाम के बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह आनुवांशिक और छुआछूत की बीमारी नहीं है। मतलब किसी के छूने से यह बीमारी नहीं फैलती हैं।

कुष्ठ रोग के लक्षण
- त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे, जो चपटे और फीके रंग के होते हैं।
- पैरों के तलुओं पर घाव होना, जिसमें दर्द नहीं होता है।
- मांसपेशी में कमज़ोरी
- चेहरे या कान के पास गांठ या सूजन, जिसमें दर्द नहीं होता है।
- छाती पर अजीब रंग का घाव या निशान होना।
- आंखों में समस्याएं।
- हथेली और तलवों पर सुन्नपन।
- पैरालिसिस या हाथों-पैरों का अपंग होना।
इलाज
इस बीमारी के लक्षण नजर आने में 2-5 साल का समय लगता है। इससे बचने के लिए इसके लक्षणों पर नजर रखना जरूरी होता है। इसके अलावा बच्चों में कुष्ठ रोग होने का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए उन्हें हमेशा संक्रमित से दूर रखें। यह बीमारी छूने से नहीं बल्कि हवा में फैले बैक्टीरिया के संक्रमण से हो सकता है। एंटीबायोटिक दवाओं से इस रोग का इलाज होता है। कुष्ठ रोग के इलाज के लिए मल्टीड्रग थेरेपी भी बनाई गई है, जो दुनियाभर में फ्री में उपलब्ध है, ये बीमारी को पूरी तरह खत्म कर देता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications