राजस्‍थान में 500kg नकली मिठाई जब्‍त, त्‍योहार में मीठे के नाम पर जहर खानें से बचे, ऐसे करें टेस्‍ट

दिवाली के त्‍योहार पर पर नकली और मिलावटी मिठाइयों का धंधा तेजी से बढ़ जाता है, थोड़े से मुनाफे के लिए ये लोग लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं हिचकिचाते। फूड डिपार्टमेंट फेस्टिवल में अलर्ट होकर जगह-जगह छापेमारी कर रहा है। हाल ही में राजस्थान के बहरोड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 किलो दूषित रसगुल्ले जब्त किए, जिनका निपटारा जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर किया गया। सूचना के अनुसार, इस मिष्ठान भंडार में मिठाइयों में मिलावट की जा रही थी, जिससे जनता की सेहत को खतरा था।

वहीं, मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी अधिकारियों ने दिवाली के लिए बडी मात्रा में नकली और दूषित मिठाइयां पकडी है, खबर है कि भारी मात्रा में नकली मावा जब्त किया गया, जो गुजरात से मंगवाया जा रहा था। इसी तरह उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी नकली मिठाई बनाने और बेचने के मामलों पर कार्रवाई की जा रही है ताकि मिलावटी सामग्री की बिक्री पर रोक लगाई जा सके और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

How to Identifiy Adulteration in Diwali Sweets

जिस तरह से मार्केट में नकली मावा और म‍िठाई बनाकर बेची जा रही है, ऐसे में लोगों को म‍िठाई खरीदते हुए सतर्क रहने की आवश्‍यकता है।

नकली म‍िठाई खाने से हो सकती है ये बीमारियां

न्यूट्रिशनिस्‍ट के मुताबिक खराब क्वालिटी की मिठाइयों में अक्सर कृत्रिम रंग, सिंथेटिक स्वीटनर और घटिया गुणवत्ता वाले आटे का उपयोग किया जाता है। ये सामग्री न केवल मिठाइयों की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। ऐसी मिठाई खाने से मतली, उल्टी, दस्त और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसके अलावा, पुरानी या बासी दूध-उत्पादों का उपयोग फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है, जिससे गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं, जैसे पेट में संक्रमण, बुखार और कमजोरी हो सकती है। नकली मिठाइयों में ट्रांस फैट्स का उपयोग किया जाता है जो हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है।

नकली मिठाई की पहचान करने के कुछ तरीके

रंग पर ध्यान दें: असामान्य रूप से चमकीले और गहरे रंग वाली मिठाई में अक्सर सिंथेटिक रंगों का उपयोग होता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। अगर रंग बहुत ज्यादा कृत्रिम लगता है, तो मिठाई से बचें।

गंध का परीक्षण करें: असली और ताजगी भरी मिठाइयों में एक हल्की और प्राकृतिक खुशबू होती है। नकली मिठाई में सिंथेटिक एसेंस का उपयोग किया जा सकता है, जिससे एक तीखी या अप्राकृतिक गंध आ सकती है।

बनावट पर ध्यान दें: नकली मावा या घटिया गुणवत्ता के दूध से बनी मिठाई की बनावट थोड़ी सख्त या रबर जैसी हो सकती है। जबकि असली मावा से बनी मिठाई मुलायम और चिकनी होती है।

स्वाद में अंतर: असली मिठाई का स्वाद समृद्ध और संतुलित होता है। अगर मिठाई खाते समय आपको अधिक मीठापन या कड़वाहट महसूस हो रही है, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है।

मावा की गुणवत्ता की जांच: मावा को हाथ से मसलें। असली मावा नरम और आसानी से टूट जाता है, जबकि नकली मावा थोड़ा रबर जैसा महसूस होता है और इसे मसलना कठिन हो सकता है।

चीनी की चाशनी: चाशनी में तैरते कण या असामान्य गाढ़ापन दिखे, तो वह मिलावट का संकेत हो सकता है। असली चाशनी साफ और समान रूप से तरल होती है।

पानी में घुलनशीलता की जांच: मावे की मिठाई का एक छोटा टुकड़ा गर्म पानी में डालें। अगर वह जल्दी घुल जाए और तल में कुछ गाद या पाउडर जैसा पदार्थ बचे, तो मिलावट का संकेत हो सकता है।

इन तरीकों से आप नकली मिठाई की पहचान कर सकते हैं और त्योहारी मौसम में अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, October 28, 2024, 14:03 [IST]
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