Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना
डायबिटीज से हो सकती है किडनी फेल, समय रहते इन संकेतों से करें पहचान
डायबिटीज के कारण सिर्फ व्यक्ति के ब्लड शुगर लेवल पर ही असर नहीं पड़ता है, बल्कि यह आपकी किडनी पर भी असर डाल सकती है। इसके कारण आपको डायबिटिक किडनी अर्थात् डायबिटिक नेफ्रोपैथी की समस्या भी हो सकती है। यह एक स्थिति है, जो अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल और मधुमेह की दवा के लंबे समय तक लेने के कारण हो सकती है।
जब किसी व्यक्ति को डायबिटिक नेफ्रोपैथी की समस्या होती है, तो इससे उसकी किडनी की शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को निकालने की क्षमता प्रभावित होती है। इतना ही नहीं, इससे किडनी फेल होने का रिस्क भी काफी बढ़ जाता है।
हालांकि, अगर आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल जीते हैं और अपनी डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को सही ढंग से मैनेज करते हैं तो इससे आप आसानी से डायबिटिक नेफ्रोपैथी को रोक या देरी कर सकते हैं।

लेकिन इसके लिए आपको पहले इसके संकेतों को समझना होगा। डायबिटिक नेफ्रोपैथी होने पर आपके शरीर में कुछ बदलाव हो सकते हैं-
पैरों, टखनों या हाथों में सूजन होना
जब आपकी किडनी अतिरिक्त तरल पदार्थ को शरीर से आसानी से नहीं निकाल पाती है तो इससे पैरों, टखनों या हाथों में सूजन हो सकती हैं। जिससे आपको अपना शरीर फूला हुआ महसूस होता है। इतना ही नहीं, इसके कारण आपका वजन भी बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि आपका शरीर जरूरत से ज्यादा लिक्विड होल्ड करके रखता है।
सोने में परेशानी होना
आज के समय में अधिकतर लोग नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसे बेहद ही सामान्य माना जाता है। हालांकि, ठीक से नींद ना आने के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन अगर आपको पहले से ही मधुमेह की समस्या है तो आपको थोड़ा सतर्क हो जाना चाहिए। यह एडवांस्ड किडनी डिसीज का एक संकेत हो सकता है। इस स्थिति में अमूमन व्यक्ति रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की भी शिकायत करता है, जिससे थकान, चिड़चिड़ापन और मेंटल फॉग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
भूख में अचानक बदलाव आना
अगर आपको अपनी भूख में अचानक बदलाव महसूस हो रहा है। मसलन, आपको भूख कम लग रही है तो यह डायबिटिक किडनी डिजीज का चेतावनी संकेत है। ऐसा वास्तव में ब्लड में अपशिष्ट उत्पादों के निर्माण के कारण होता है, जिससे मतली, उल्टी, भूख न लगना और वजन कम होना आदि समस्याएं हो सकती हैं।
बहुत अधिक थकान होना
जब एक व्यक्ति को डायबिटिक किडनी की समस्या होती है तो ऐसे में व्यक्ति को हरदम थकान का अहसास होता है। ऐसा आमतौर पर एनीमिया के कारण होता है। दरअसल, इस अवस्था में गुर्दे एरिथ्रोपोइटिन का उत्पादन बंद कर देते हैं। यह वास्तव में एक हार्मोन है, जो बोन मैरो में रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को प्रोत्साहित करने में मदद करता है।
स्किन में रूखापन या खुजली होना
जब किसी व्यक्ति को किडनी से जुड़ी समस्या होती है, तो इससे उसे स्किन में रूखापन या खुजली भी हो सकती है। यह संकेत होता है कि आपके ब्लड स्ट्रीम में अपशिष्ट उत्पादों और विषाक्त पदार्थों का निर्माण हो रहा है, क्योंकि आपकी किडनी इन्हें बाहर निकालने में पूरी तरह से सक्षम नहीं है। कभी-कभी इसके काण स्किन पर दाने, रेडनेस और पैच भी हो सकते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर
बहुत से लोगों को मधुमेह होने के बाद हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत भी हो जाती है। अक्सर लोग इस ओर ध्यान नहीं देते हैं, लेकिन यह डायबिटिक किडनी का एक संकेत है। दरअसल, जब गुर्दे डैमेज्ड हो जाते हैं, तो वे शरीर के ब्लड प्रेशर रेगुलेशन में असंतुलन पैदा करते हैं। ऐसे में व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की समस्या का सामना करना पड़ता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
