क्या ट्रांसजेंडर महिलाओं को भी होते हैं पीरियड्स? क्रिकेटर के बेटे से बेटी बनीं अनया बांगर का खुलासा

Do Transgender Women Get Periods: पीरियड्स वो प्रक्रिया है जो हर महीने महिलाएं फेस करती हैं। हम इसे समस्या नहीं कर सकते क्योंकि ये एक वरदान की ही तरह है जिसकी वजह से महिलाओं को मां बनने का सौभाग्य मिलता है। मगर पीरियड्स को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं और गलतफहमियां फैली हुई हैं, खासकर जब बात ट्रांसजेंडर महिलाओं की हो। हर किसी के मन में ये सवाल उठता है कि अगर ट्रांसजेंडर महिलाओं की शारीरिक संरचना पूरी तरह से औरतों वाली हो जाती है तो क्या उन्हें पीरियड्स भी आते हैं।

हाल ही में क्रिकेटर संजय बारंग के बेटे से बेटी बनीं अनया बांगर ने इस विषय पर खुलकर बात की और सच सामने रखा। आइए जान लेते हैं कि अनया बांगर ने क्या कहा?

Transgender Women Get Periods

क्या होते हैं पीरियड्स

पीरियड्स यानी मासिक धर्म, एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है जो जन्म से महिला प्रजनन तंत्र वाले व्यक्तियों में होती है। लेकिन जब बात ट्रांसजेंडर महिलाओं की आती है। हर महिला को महीने में पीरियड्स आते हैं जिसे माहवारी या मासिक धर्म भी कहा जाता है। पीरियड्स की प्रक्रिया अलग-अलग महिलाओं में अलग-अलग होती है। किसी को 5 दिन तो किसी को 7 दिन और किसी को इससे भी ज्यादा दिन तक ब्लीडिंग होती है। इसके अलावा इस दौरान महिलाओं को दर्द और हार्मोनल बदलावों जैसी समस्या से जूझना पड़ता है।

क्या ट्रांसजेंडर को भी होते हैं पीरियड्स?

लोगों के मन में सवाल उठते हैं कि क्या ट्रांसजेंडर्स को भी पीरियड्स होते हैं? इस पर क्रिकेटर संजय बांगर के बेटे से बेटी बने अनया बांगर ने खुलकर बात की और बताया कि उन्हें पीरियड्स नहीं होते हैं क्योंकि उनकी ओवरी अंडाशय (Ovaries), गर्भाशय (Uterus) नहीं होते हैं। अनया ने बताया कि ट्रांसजेंडर महिलाओं के शरीर की संरचना और जैविक प्रक्रिया, जन्म से महिला शरीर वाले व्यक्तियों से अलग होती है, इसलिए उन्हें प्राकृतिक रूप से मासिक धर्म नहीं होता। अनया ने यह भी कहा कि कई लोग ट्रांसजेंडर होने का मतलब पूरी तरह महिला जैसी सभी शारीरिक प्रक्रियाओं से जोड़ते हैं, जबकि सच्चाई इससे अलग है।

पीरियड्स नहीं मूड स्विंग होते हैं

अनया बांगर ने बताया कि उन्हें पीरियड्स तो नहीं आते हैं लेकिन महिलाओं को जिस तरह हर महीने पीरियड्स के दौरान मूड स्विंग होते हैं वो ट्रांसजेंडर महिलाओं को भी होते हैं। अनया का मानना है कि इस तरह के सवालों और धारणाओं को लेकर खुलकर बात करना जरूरी है, ताकि समाज में संवेदनशीलता और समझ बढ़ सके। उन्होंने अपील की कि लोग ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के बारे में गलत धारणाएं न फैलाएं और सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, August 10, 2025, 11:48 [IST]
Desktop Bottom Promotion