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दमा मरीजों के लिए है खतरे से कम नहीं है रूम हीटर, एक्सपर्ट ने बताया कैसे ट्रीगर करता है अस्थमा
Is Room Heater harmful for asthma patients : सर्दियों में रूम हीटर और ब्लोअर का इस्तेमाल ठंड से बचने के लिए आम है, लेकिन इनका अधिक उपयोग सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इन उपकरणों के कारण हवा में नमी की कमी होती है, जिससे स्किन ड्राई हो सकती है और सांस की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लंबे समय तक हीटर या ब्लोअर के संपर्क में रहने से अस्थमा, ब्रोन्काइटिस और नजला जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
जयपुर स्थित अस्थमा भवन के चेस्ट और अस्थमा एक्सपर्ट डॉक्टर वीरेंद्र सिंह का कहना है कि अस्थमा के मरीजों को रूम हीटर में बैठने से पहले कई बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। रूम हीटर अस्थमा या सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की सेहत को बिगाड़ भी सकता है? आइए डॉक्टरों से जानते हैं कि रूम हीटर में बैठने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

अस्थमा मरीजों को क्यों हीटर के इस्तेमाल से बचना चाहिए?
अगर आपको अस्थमा, रेस्पिरेटरी एलर्जी या सांस सम्बंधी कोई अन्य बीमारी है, तो रातभर हीटर का प्रयोग न करना ही बेहतर है। हीटर हवा को ड्राई बनाता है और कुछ हीटर हानिकारक गैसें भी छोड़ते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। खासकर कन्वेंशनल आयरन रॉड हीटर का इस्तेमाल सबसे अधिक नुकसानदायक है। सूखी हवा गले को सुखा देती है, जिससे खांसी होती है। इसके अलावा, यह नाक और विंड पाइप में इर्रिटेशन, फेफड़ों में ड्राईनेस और खुजली का कारण बन सकती है, जो सांस लेने में और भी कठिनाई पैदा कर सकती है।
अस्थमा क्यों होता है?
अस्थमा एक सांस की नली में सूजन आने वाली बीमारी है, जिससे लंग्स में इंफेक्शन हो सकता है और सांस लेने में कठिनाई होती है। अस्थमा के दौरान व्यक्ति को घरघराहट की आवाज, लगातार खांसी, और रात को खांसी की समस्या हो सकती है। इसके कारण वायुमंडल में मौजूद एलर्जी, धूल, धुआं या प्रदूषण जैसी चीजें भी उत्तेजना का कारण बन सकती हैं।अस्थमा के मरीजों को अपनी दवाएं नियमित रूप से लेनी चाहिए और इलाज बीच में न छोड़ें, ताकि समस्या बढ़ने से बच सके।
नाक से आ सकता है खून?
अगर आप अधिक समय तक रूम हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जिससे नाक की अंदर की त्वचा सूख सकती है और नाक से खून आ सकता है।
हीटर चलाते हुए इन बातों का ध्यान रखें
- रातभर हीटर न चलाएं। यदि हीटर का उपयोग करना है, तो सोने से एक या दो घंटे पहले चला लें और सोने से पहले बंद कर दें।
- हीटर के पास एक कटोरे में पानी रखें, इससे हवा में नमी बनी रहेगी और हवा कम ड्राई होगी।
- अस्थमा और हृदय रोग के मरीजों को हीटर का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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