गर्मियों में क्यों बढ़ जाता है दस्‍त का खतरा, पेट खराब होने पर करें तुरंत ये काम?

How to Manage Loose Motion After Summer Heatstroke : गर्मी के मौसम में पेट खराब होना और दस्त लगना एक आम समस्या बन जाती है। तापमान बढ़ने के साथ ही बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे भोजन और पानी जल्दी दूषित हो जाते हैं। इस वजह से संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है, जो दस्त जैसी समस्याओं को जन्म देता है।

How to Manage Loose Motion After Summer Heatstroke

गर्मियों में पेट खराब होने के कारण

खराब या बासी भोजन: गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है। यदि इसे सही तापमान पर न रखा जाए, तो यह बैक्टीरिया का घर बन सकता है।

गंदा या संक्रमित पानी: साफ पानी की कमी और खुले में मिलने वाले पेय पदार्थों के कारण डायरिया का खतरा बढ़ जाता है।

खुले में मिलने वाला स्ट्रीट फूड: बिना साफ-सफाई का ध्यान रखे तैयार किया गया स्ट्रीट फूड भी संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है।

पसीना और पानी की कमी: ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है और पेट संबंधी समस्याएं होने लगती हैं।

दस्त के लक्षण

- बार-बार पतला मल आना

- पेट में ऐंठन या मरोड़

- उल्टी या मतली

- बुखार और कमजोरी

- शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)

दस्त होने पर क्या करें?

- पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन बढ़ाएं: शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी, नींबू पानी या ओआरएस का सेवन करें।

- हल्का और सुपाच्य भोजन करें: खिचड़ी, दही-चावल, उबली सब्जियां और नारियल पानी जैसी चीजें खाएं।

- संक्रमित भोजन से बचें: बासी या खुले में रखा हुआ खाना न खाएं। ताजा और घर का बना खाना ही लें।

- डॉक्टर से सलाह लें: यदि दस्त ज्यादा समय तक रहे या शरीर बहुत ज्यादा कमजोर महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

- हाथों की सफाई रखें: खाने से पहले और बाद में हाथ धोना बेहद जरूरी है ताकि संक्रमण का खतरा कम हो।

कैसे करें बचाव?

- हमेशा साफ और उबला हुआ पानी पिएं।

- बाहर का खाना खाने से बचें, खासकर स्ट्रीट फूड।

- भोजन को सही तापमान पर स्टोर करें।

- शरीर में पानी की कमी न होने दें - दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें।
- बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें, क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता थोड़ी कमजोर होती है।

गर्मी के मौसम में सावधानी बरत कर और अपनी खानपान की आदतों पर ध्यान देकर दस्त जैसी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, April 26, 2025, 22:40 [IST]
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