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इथियोपिया में फटा ज्वालामुखी दिल्ली-NCR के लिए बना खतरा! जानें जहरीली हवा में खुद को कैसे रखें सुरक्षित
Ethiopia Volcano Eruption Impact Of Delhi-NCR AQI: पहले से ही दिल्ली की हवा प्रदूषण की वजह से जहरीली बनी हुई थी। अब दिल्ली-एनसीआर पर एक और आफत आ गई है क्योंकि इथियोपिया में हुए भीषण ज्वालामुखी विस्फोट का असर अब हजारों किलोमीटर दूर भारत तक दिखाई देने लगा है। दरअसल, इथियोपिया के हेली गुब्बी ज्वालामुखी में करीब 10,000 सालों बाद भीषण विस्फोट हुआ है जिसका असर भारत पर भी हुआ है।
ऐसे में AQI बहुत खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है और दिल्ली-एनसीआर की हवा अब पहले से कहीं ज्यादा जहरीली हो गई है। बिगड़ते हालातों को देखते हुए DGCA ने एडवाइजरी जारी की है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आप इस घुटन भरी दिल्ली में कैसे खुद को सुरक्षित रखें और किन लोगों को ज्यादा खतरा है।

ज्वालामुखीय राख से बढ़ा दिल्ली-एनसीआर का AQI
पहले से ही दिल्ली-एनसीआर की हवा बहुत ज्यादा जहरीली हो गई थी लेकिन इथियोपिया में फटे ज्वालामुखी की वजह से हवा अब सांस लेने लायक नहीं है। दिल्ली-एनसीआर और उसके आसपास के इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया है। आसमान में स्मॉग की मोटी परत नजर आई और सूरज की रौशनी का रंग भी बदला-बदला लगा। ऐसे में कई लोगों को तो देखने में भी दिक्कत हुई।
ज्वालामुखीय राख ने बढ़ाई दिल्ली की परेशानी
मौसम विभाग के अनुसार, इथियोपिया में फटे ज्वालामुखी से उठी राख ऊपरी वायुमंडल में पहुंचकर लंबी दूरी तय कर रही है। हवा का रुख उत्तर-पूर्व दिशा में होने के कारण यह राख भारत के उत्तरी हिस्सों तक आ पहुंची है। यह राख PM2.5 और PM10 की तरह बेहद छोटे कणों से मिलकर बनी होती है, जो सीधे फेफड़ों में जमा होकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं।
AQI के बढ़ने से बढ़ी ये परेशानियां
हवाओं के तेज बहाव के साथ ज्वालामुखी की महीन राख दिल्ली-NCR की हवा में घुल गई है, जिससे राजधानी में अचानक प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। मंगलवार सुबह ही AQI कई इलाकों में 400 के पार दर्ज किया गया, जिसके बाद लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया। आंखों में जलन, खांसी, गले में खराश और सिरदर्द जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह राख बेहद सूक्ष्म कणों में होती है, जो फेफड़ों तक आसानी से पहुंचकर गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है इस जहरीली हवा में खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
किन लोगों के लिए खतरा, कैसे रहें सुरक्षित?
डॉक्टरों के मुताबिक ज्वालामुखीय राख हवा को और अधिक जहरीला बना देती है क्योंकि इसमें सिलिका और अन्य कण मौजूद होते हैं। यह बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दमा/दिल के मरीजों के लिए काफी खतरनाक है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और मास्क का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें। छोटे बच्चों को तो बाहर जाने से रोकें क्योंकि उनकी इम्यूनिटी बहुत ही कमजोर होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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