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खूबसूरत नेल्स के नाम पर सेहत से खिलवाड़, कैंसर तक दे सकती है ये नेल पॉलिश, इस देश ने किया बैन
Gel Nail Polish Side Effects : जेल नेल पॉलिश आजकल फैशन की दुनिया में बेहद पॉपुलर हो चुकी है, खासकर Gen Z और यंग महिलाओं के बीच। यह नेल पॉलिश नाखूनों को लंबे समय तक खूबसूरत, शाइनी और स्मूथ टेक्सचर देती है। इसके इस्तेमाल से नाखूनों पर कलर हफ्तों तक टिका रहता है और बार-बार लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि यह नेल सैलून से लेकर घर तक हर जगह तेजी से ट्रेंड में आ गई।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह फैशनेबल प्रोडक्ट आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है? यूरोपीय संघ (EU) ने कड़ा कदम उठाते हुए 1 सितंबर 2025 से जेल नेल पॉलिश में मौजूद एक केमिकल TPO पर बैन लगा दिया है।
इस फैसले के बाद यूरोप के लाखों नेल सैलून प्रभावित हुए हैं। आइए जानते हैं कि आखिर TPO है क्या और इसे क्यों खतरनाक माना गया।

क्या है TPO?
TPO यानी Trimethylbenzoyl Diphenylphosphine Oxide एक केमिकल है जिसे जेल नेल पॉलिश में फोटोइनिशिएटर (Photoinitiator) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। फोटोइनिशिएटर का काम होता है कि वह UV या LED लाइट के संपर्क में आते ही पॉलिश को तेजी से सूखाकर सख्त कर दे। इसी वजह से जेल नेल पॉलिश साधारण पॉलिश की तुलना में ज्यादा लंबे समय तक टिकती है और आसानी से खराब नहीं होती।
हालांकि, यही TPO अब विवादों में है क्योंकि वैज्ञानिक अध्ययनों ने इसे टॉक्सिक घोषित किया है।
सेहत के लिए कितना खतरनाक है TPO?
कई रिसर्च और एनिमल स्टडीज में पाया गया है कि TPO का असर प्रजनन स्वास्थ्य (Reproductive Health) पर नकारात्मक पड़ सकता है।
फर्टिलिटी पर असर: एक स्टडी में मादा चूहों में TPO की वजह से पूरी तरह इनफर्टिलिटी देखने को मिली। वहीं, नर चूहों में टेस्टिस के साइज में कमी और स्पर्म की संख्या घटने के मामले सामने आए।
त्वचा संबंधी खतरे: जेल नेल पॉलिश लगाते समय TPO सीधे स्किन और नेल बेड के संपर्क में आता है, जिससे रैशेज, इरिटेशन और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कैंसर का खतरा: कुछ शोध में यह भी पाया गया कि लंबे समय तक TPO के संपर्क में रहना कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का रिस्क बढ़ा सकता है।
हालांकि, यह भी सच है कि एनिमल स्टडीज में दी गई TPO की डोज इंसानों के मुकाबले कहीं ज्यादा थी। फिर भी, यूरोपियन यूनियन ने एहतियात के तौर पर इसे पूरी तरह बैन कर दिया है।
यूरोपीय संघ ने क्यों लगाया बैन?
यूरोपियन यूनियन का मानना है कि ब्यूटी और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले हर केमिकल को सुरक्षित और नॉन-टॉक्सिक होना चाहिए। चूंकि TPO को लेकर पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि यह प्रजनन स्वास्थ्य और त्वचा पर बुरा असर डाल सकता है, इसलिए इसे 1 सितंबर 2025 से बैन कर दिया गया।
इस प्रतिबंध के बाद सभी नेल सैलून और ब्यूटी ब्रांड्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत TPO युक्त प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बंद कर दें और पहले से खरीदे गए स्टॉक को भी नष्ट कर दें।
बैन का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
अगर कोई व्यक्ति या सैलून इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता पाया गया तो उसे भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जुर्माना 20 लाख रुपये से अधिक हो सकता है। साथ ही, कानूनी कार्रवाई और सजा का भी प्रावधान है। इस वजह से यूरोप के हजारों नेल सैलून को अपने प्रोडक्ट्स बदलने पड़ेंगे।
TPO के सुरक्षित विकल्प
यूरोपीय संघ ने सैलून ऑपरेटर्स और ब्यूटी ब्रांड्स को सलाह दी है कि वे TPO रहित जेल नेल पॉलिश का इस्तेमाल करें। बाजार में ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं जिनमें कम टॉक्सिक फोटोइनिशिएटर्स मिलाए जाते हैं।
Benzoyl Peroxide (BPO): इसे सुरक्षित विकल्प के रूप में सुझाया गया है।
लो-टॉक्सिसिटी फोटोइनिशिएटर्स: ऐसे केमिकल्स जिनका असर कम हानिकारक होता है और जो स्वास्थ्य के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं।
फिलहाल यह बैन केवल यूरोपियन यूनियन देशों में लागू हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि अगले साल तक यूनाइटेड किंगडम (UK) में भी इसे लागू कर दिया जाएगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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