Latest Updates
-
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी -
उत्तराखंड में 14 साल की लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, जानें मां बनने के लिए क्या है सही उम्र -
गर्मियों में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल, फायदे की जगह पहुंचा सकते हैं शरीर को भारी नुकसान
फिल्ममेकर शेखर कपूर ने खुलासा किया कि वह डिस्लेक्सिक हैं, बच्चे में दिखें ये लक्षण तो अलर्ट हो जाएं
'मिस्टर इंडिया' और 'बैंडिट क्वीन' जैसी फिल्मों के निर्माता शेखर कपूर ने हाल ही में ट्विटर पर खुलासा किया है कि वे डिस्लेक्सिया से पीड़ित हैं। इस बात को उन्होंने खुद ट्वीट करके बताई। शेखर ने लिखा, "जिंदगी की सीख: मैं पूरी तरह डिस्लेक्सिक हूं और मुझे इंटेंस ADD है।
इससे ज्यादा मैं कुछ और नहीं जानता। भगवान का शुक्र है कि जब मैं बढ़ा हो रहा था तो बच्चों के लिए किसी तरह के स्पेशल स्कूल नहीं हुआ करते थे। वे मेरे अंदर के सारे विद्रोह को मारकर निकाल देते। मैं शायद फिल्में भी नहीं बना पाता और ना ही क्रिएटिव होता।" आइए जानते हैं कि डिस्लेक्सिया क्या होता है, इसका कैसे पता चलता है?

क्या है डिस्लेक्सिया
डिस्लेक्सिया एक स्पेसिफिक लर्निंग डिसोअर्डर है। डिस्लेक्सिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चें पढ़ना, लिखना और शब्दों का बोल पाना मुश्किल होता है। इससे ग्रस्त बच्चे अक्सर बोलने वाले और लिखित शब्दों को याद नहीं रख पाते हैं। इसके अलावा वह कई चीजों को समझ भी नहीं पाते। इसमें असल शब्दों की मिरर इमेज दिखने लगती है। जिन लोगों को डिस्लेक्सिया होता है वे बार-बार स्पेलिंग मिस्टेक्स करने लगते हैं।
ये है लक्षण
यह विकार 3-15 साल उम्र के लगभग 3 प्रतिशत बच्चों में पाया जाता है, यानी जब बच्चा स्कूल जाना शुरू कर देता है। बच्चों में यह लक्षण स्कूल जाने के बाद ही दिखाई देते हैं। क्योंकि पहले इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। मगर इसके कुछ शुरुआती लक्षण को पहचान कर आप बच्चों की इस समस्या को दूर कर सकते हैं।
इस बीमारी में बच्चों को शब्द की पहचान करने में दिक्कत होती है और समें वह स्पैलिंग भी ठीक से समझ नहीं पाते। उन्हें पढ़ने, समझने और याद करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वह दाएं और बाएं में ठीक से अंतर समझ नहीं पाते और कन्फूयज हो जाते हैं।
डिस्लेक्सिया से ग्रस्त व्यक्ति शब्दों या अक्षरों को उल्टा या गलत पढ़ता है। वह b को d समझ लेते हैं या 6 को 9 समझता है।
7 वर्ष की आयु से पहले तक अक्षरों को उल्टा लिखते हैं, लेकिन बच्चे में इस तरह के लक्षण ज्यादा दिखाई देते हैं तो यह रोग होने की संभावना हो सकती है।
कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास
4 साल तक के बच्चे में लक्षणों का पहचानना मुश्किल है लेकिन इसके बाद इस बीमारी को पहचाना जा सकता है। यदि उपरोक्त लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए.
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











