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US के पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन को हुआ प्रोस्टेट कैंसर, हड्डियों तक फैली बीमारी, कितनी खतरनाक है ये बीमारी
Former US President Biden diagnosed with prostate cancer: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन (82) को प्रोस्टेट कैंसर होने की पुष्टि हुई है, जो अब उनकी हड्डियों तक फैल चुका है। उनकी तरफ से ऑफिशियली स्टेटमेंट जारी किया गया जिसके अनुसार, बाइडेन ने हाल ही में यूरिन संक्रमण से जुड़ी कुछ समस्याओं की शिकायत की थी। जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर है, जिसमें हड्डियों में मेटास्टेसिस यानी कैंसर का फैलाव हो चुका है।
बयान में बताया गया है कि यूरिन से जुड़ी शिकायतों के बाद बाइडेन की मेडिकल जांच की गई, जिसमें प्रोस्टेट नोड्यूल का पता चला। शुक्रवार को की गई विस्तृत जांच में ग्लेसन स्कोर 9 (ग्रेड ग्रुप 5) पाया गया, जो संकेत करता है कि कैंसर आक्रामक है और तेजी से फैल सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह हार्मोन-संवेदनशील कैंसर है, जिसका मतलब है कि इसे हार्मोन थैरेपी जैसे उपायों से नियंत्रित किया जा सकता है। वर्तमान में बाइडेन और उनका परिवार डॉक्टरों के साथ इलाज के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

यह पहली बार नहीं है जब बाइडेन को कैंसर का सामना करना पड़ा है। साल 2023 में भी उन्हें स्किन कैंसर हुआ था। तब उनकी छाती पर 'बेसल सेल कार्सिनोमा' नामक त्वचा कैंसर पाया गया था, जिसे फरवरी में एक सर्जरी के जरिए हटा दिया गया था।
वर्तमान में बाइडेन का इलाज शुरू नहीं हुआ है लेकिन जल्द ही उन्हें हार्मोन थैरेपी, कीमो या रेडिएशन जैसे विकल्पों पर निर्णय लेना पड़ सकता है। 82 वर्षीय बाइडेन ने 2020 में डोनाल्ड ट्रंप को हराकर राष्ट्रपति पद संभाला था, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपनी उम्र और मानसिक स्थिति को देखते हुए 2024 की दौड़ से खुद को अलग कर लिया था। आइए जानते हैं कि ये बीमारी कितनी खतरनाक है?
क्या होता है प्रोस्टेट कैंसर?
प्रोस्टेट कैंसर तब होता है जब प्रोस्टेट ग्रंथि में मौजूद कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और एक घातक ट्यूमर का रूप ले लेती हैं। यह ग्रंथि पुरुषों के प्रजनन तंत्र का अहम हिस्सा होती है, जो स्पर्म को पोषक तत्व और सुरक्षा प्रदान करने वाला लिक्विड बनाती है। प्रोस्टेट ग्लैंड मूत्राशय के नीचे होती है और इसका वजन सामान्य रूप से करीब 30 ग्राम होता है। उम्र के साथ इसका आकार बढ़ता है, लेकिन कई बार यह वृद्धि कैंसर के कारण भी होती है।
प्रोस्टेट कैंसर मुख्य रूप से 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2040 तक इस बीमारी के मामलों में दोगुनी वृद्धि हो सकती है। इस कैंसर के कारण मृत्यु दर भी काफी अधिक है, करीब 85 प्रतिशत मामलों में मौत हो जाती है।
क्या काम करता है प्रोस्टेट कैंसर?
प्रोस्टेट ग्लैंड पुरुषों के प्रजनन तंत्र का अहम हिस्सा है, जो स्पर्म की सुरक्षा और पोषण के लिए जरूरी लिक्विड बनाता है। यह इजेकुलेशन और यूरिनेशन के बीच स्विच की तरह काम करता है। आमतौर पर इसका वजन 30 ग्राम होता है, लेकिन उम्र के साथ बढ़ सकता है और कभी-कभी इसका बढ़ना कैंसर का संकेत भी हो सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण
- बार-बार पेशाब आना
- पेशाब करते समय दर्द होना
- मूत्र या वीर्य में रक्त आना
- कमज़ोर यूरिन फ्लो
- पीठ या श्रोणि में दर्द
- पैरों या पंजों में कमजोरी
प्रोस्टेट कैंसर की वजह और रिस्क?
यह बीमारी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में अधिक देखी जाती है। पारिवारिक इतिहास, खासकर यदि 60 वर्ष से पहले किसी पुरुष के पिता या भाई को प्रोस्टेट कैंसर हुआ हो, तो इस रोग का खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा, अन्य कैंसर जैसे स्तन या डिम्बग्रंथि कैंसर के पारिवारिक इतिहास से भी इसका संबंध हो सकता है।
इलाज
सर्जरी (Prostatectomy): प्रोस्टेट ग्रंथि को हटाना
रेडिएशन थैरेपी: कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए विकिरण
हार्मोन थैरेपी: टेस्टोस्टेरोन को नियंत्रित करना ताकि कैंसर की ग्रोथ रुके
कीमोथेरेपी: आक्रामक कैंसर के लिए उपयोगी
एक्टिव सर्विलांस: धीमे बढ़ने वाले कैंसर में डॉक्टर सिर्फ निगरानी रखते हैं
इम्यूनोथेरेपी: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैंसर से लड़ने में सक्षम बनाना
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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