सर्दियों में गर्म पानी से ज्‍यादा नहाने से बचे पुरुष, मर्दानगी पर पड़ सकता है बुरा असर

Hot Water Bath Side Effects For Men : सर्दियों में नहाने के लिए हम में से अधिकतर लोग गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं। लेक‍िन हम में से ज्‍यादात्तर लोग बहुत ज्‍यादा गर्म पानी से नहाते हैं, जो क‍ि सेहत के ल‍िए खतरनाक साबित हो सकता है। खासतौर से पुरुषों के ल‍िए।

हर किसी को सर्दी में गर्म पानी से नहाने में आनंद आता है लेकिन अगर आप लंबे समय से पिता बनने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको इससे बचना चाहिए, क्‍योंक‍ि ज्‍यादा गर्म पानी से नहाने से स्‍पर्म काउंट पर इफेक्‍ट पड़ता है।

 Garam Pani Me Nahane Ke Nuksan Hot Water Bath Side Effects For Men Including Low Sperm Count

ऐसे पुरुष न नहाएं ज्‍यादा गर्म पानी से

ज्यादा देर तक गर्म पानी से नहाने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। उनका स्पर्म काउंट कम होता है। जिन लोगों को फर्टिलिटी से जुड़ी कोई प्रॉब्लम है, उन्हें गर्म पानी से बिल्कुल नहीं नहाना चाहिए।

ऐसे पानी से नहाएं सर्दियों में

सर्दियों में ज्‍यादा गर्म पानी के बजाय गुनगुने पानी से नहाना चाहिए। ये आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। अगर आप गुनगुने पानी से नहाते हैं तो ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। वहीं, सर्दियों में होने वाली जकड़न से भी निजात मिलती है। वहीं, सर्दियों में ज्‍यादा ठंडे पानी से नहाने पर आपके ब्‍लड सर्कुलेशन पर बुरा असर पड़ सकता है। वहीं त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं से जूझ रहे लोगों को गर्म पानी से नहाने के पहले अपने डॉक्‍टर की राय जरूर लेनी चाहिए।

गर्म पानी का असर

स्पर्म पर गर्म पानी के असर को समझने के लिए आपको हमारी बॉडी के मेटाबोलिज्म को समझना होगा। स्पर्म का प्रोडक्शन पुरुष के अंडकोष (testes) में होता है और अंडकोष का तापमान हमारे शरीर के तापमान से करीब चार डिग्री सेल्सियत तक कम हो तभी इसका प्रोडक्शन हो पाता है। हमारे शरीर का नॉर्मल तामपाम 36 डिग्री सेल्सियस होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसास फॉर मेडिकल साइंस (UAMS) में यूरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ग्राहम ग्रीन कहते हैं कि गर्म पानी से आपके स्पर्म की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।

इस पर हो चुकी है रिसर्च

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में मूत्र रोग विशेषज्ञों ने इस संबंध में शोध किया जिसमें मिलते-जुलते परिणाम देखे गए। इंटरनेशनल ब्रेज जे यूरोल की रिपोर्ट में कहा गया है, बहुत अधिक गर्म पानी से अगर आप लंबे समय तक नहाते हैं तो इसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मानव अंडकोष आमतौर पर 35 डिग्री सेल्सियस (95 डिग्री फ़ारेनहाइट) तापमान बनाए रखा जाता है, जो शरीर के तापमान से लगभग दो डिग्री कम है।

वृषण क्रेमास्टर मांसपेशी से ढके होते हैं, जो सिकुड़ती और शिथिल होती हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि अंडकोश के तापमान में केवल कुछ डिग्री की वृद्धि भी शुक्राणुजनन को बाधित कर सकती है। हालांकि ये परिणाम लंबे समय तक तेज गर्मी के संपर्क पर हैं। शोधकर्ताओं ने बताया, गर्मी के अधिक संपर्क के कारण आपकी प्रजनन क्षमता पर भी नकारात्मक असर होने का भी जोखिम रहता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, January 24, 2024, 16:07 [IST]
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