Birthday Special: क्या है 'दंगल क्वीन' गीता फोगाट की फिटनेस का राज? जानें उनका डाइट और वर्कआउट प्लान

Geeta Phogat Diet And Workout Plan: भारतीय महिला पहलवान गीता फोगाट आज यानी कि 15 दिसंबर को अपना 37वां जन्मदिन मना रही हैं। वह कुश्ती में भारत के लिए गोल्ड मेडल लाने वाली पहली महिला हैं। आपको बता दें कि साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गीता फोगाट ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। वह 'दंगल क्वीन' के नाम से भी जानी जाती हैं। गीता फोगाट का जन्म 15 दिसंबर, 1998 को हरियाणा के भिवानी जिले के बलाली गांव में हुआ था। कुश्ती के दौरान गीता की एनर्जी देखकर हर किसी के मन में बस यही सवाल आता है कि आखिर वे क्या खाती हैं? तो आइए, आज गीता फोगाट के जन्मदिन पर उनकी डाइट और वर्कआउट प्लान के बारे में जानते हैं -

Geeta Phogat

गीता फोगाट का वर्कआउट प्लान

गीता फोगाट का दिन सुबह 4 बजे से ही शुरू हो जाता है। वे सूर्योदय से पहले उठ जाती हैं और उनकी ट्रेनिंग कम से कम 6 घंटे तक चलती हैं। वे इस दौरान वेटलिफ्टिंग, कार्डियो एक्सरसाइज, हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेंनिंग का अभ्यास करती हैं। इसके साथ-साथ वे अपनी मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए वेटलिफ्टिंग भी करती हैं।

गीता फोगाट का डाइट प्लान

गीता वर्कआउट के साथ-साथ अपनी डाइट का भी बहुत अच्छे से ख्याल रखती हैं। वे अपने दिन की शुरुआत एक गिलास पानी से करती हैं। इसके बाद वह स्मूदी पीती हैं। वे ब्रेकफास्ट में फल, सब्जियां, अंकुरित अनाज और दूध का सेवन करती हैं। वह कभी-कभी नाश्ते में आलू पराठा भी खाती हैं। वह लंच में चिकन या पनीर, दाल सब्जी, रोटी और दही खाती हैं। उनके डिनर में चिकन, दाल, सब्जी रोटी और ब्राउन राइस शामिल होता है। इसके साथ ही वह सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध का सेवन भी करती हैं।

गीता का वर्कआउट स्नैक

एक इंटरव्यू में गीता ने कहा था कि वह वर्कआउट से पहले मौसमी फल और दूध का सेवन करती हैं। वहीं, पोस्ट-वर्कआउट स्नैक के तौर पर वह प्रोटीन शेक पीना पसंद करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार में कोई भी तला-भुना और मसालेदार भोजन नहीं खाता है। वह जंक फूड्स की जगह सूखे मेवे और स्प्राउट्स खाती हैं।

वर्कआउट के साथ-साथ मेडिटेशन और योग का भी पूरा ध्यान

गीता फोगाट वर्कआउट के साथ-साथ मेडिटेशन और योग को भी जरूरी मानती हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया था कि वर्कआउट के साथ-साथ योग और मेडिटेशन मानसिक शांति के लिए बेहद ही जरूरी होती है। ऐसे ,में वह रोजाना वर्कआउट के साथ-साथ कुछ समय अपनी मेडिटेशन और योग को भी देती हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, December 15, 2025, 12:27 [IST]
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