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शादी में नाचते हुए दूल्हे की हार्ट अटैक से मौत, आखिर क्यों युवाओं में बढ़ रहे हैं सडन हार्ट फेलियर के मामले
उत्तर प्रदेश के जिले हाथरस में एक बेहद ही दिल दहलाने वाली घटना सामने आई हैं। दरअसल शादी के ठीक एक दिन पहले दूल्हे की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक स्थानीय निवासी 22 साल का शिवम एक स्कूल में कंप्यूटर का कोर्स पढ़ाता था। शिवम की शादी सोमवार को ही होनी थी। बारात निकलने में कुछ घंटे ही बचे थे। रविवार देर रात भात का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें दूल्हा बना शिवम घरवालों और दोस्तों के साथ खुशी में डांस कर रहा था। तभी अचानक गश्त खाते हुए गिर पड़ा और बेहोश हो गया।
जब दूल्हे को अस्पताल पहुंचाया गया था, वहां पहुंचने पर प्राथमिक चेकअप के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया गया। जिसके बाद शादी वाले घर में खुशियां मातम में पसर गई।

युवाओं में सडन हार्ट फेलियर (अचानक हृदय गति रुकना) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबकि युवाओं में अचानक हृदय की मृत्यु (Sudden Cardiac Death - SCD) का मुख्य कारण हृदय की विद्युत गतिविधि में गड़बड़ी होती है। यह गड़बड़ी अक्सर अनियमित दिल की धड़कन (Arrhythmias) के कारण होती है, जो रक्त पंप करने की प्रक्रिया को बाधित कर सकती है। इसकी पीछे कई वजह हो सकती है जैसे-
लॉन्ग क्यूटी सिंड्रोम (Long QT Syndrome)
यह एक हृदय ताल विकार है, जिसमें दिल की धड़कन तेज़ और अव्यवस्थित हो जाती है। इस स्थिति में दिल का दौरा पडने से अचानक बेहोशी और अचानक मृत्यु से होती है। इसे जन्मजात (Genetic) या अधिग्रहित (दवाओं या अन्य बीमारियों से प्रेरित) हो सकता है।
कोमोटियो कॉर्डिस (Commotio Cordis)
यह एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें छाती पर अचानक से अटैक होता है (जैसे खेल के दौरान) जो हृदय की विद्युत गतिविधि को बाधित करता है। इससे अटैक आने से वेंट्रिकुलर फ़िब्रिलेशन हो सकता है, जिससे अचानक मृत्यु हो सकती है। यह आमतौर पर एथलीट्स और खेल गतिविधियों के दौरान होता है।
जेनेटिक फैक्टर और अनुवांशिक बीमारियां
परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने पर युवाओं में भी इस समस्या का खतरा बढ़ सकता है। कुछ जन्मजात हृदय दोष या अनियमित दिल की धड़कन (Arrhythmia) भी अचानक हार्ट फेलियर का कारण बन सकते हैं।ये दोनों स्थितियां दिल की धमनियों पर असर डालती हैं, जिससे हार्ट फेलियर की संभावना बढ़ती है।
अत्यधिक तनाव और मानसिक दबाव
आज की तेज-तर्रार जिंदगी में युवा अत्यधिक तनाव, डिप्रेशन, और एंग्जायटी का सामना कर रहे हैं। तनाव के कारण शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन बढ़ जाते हैं, जो हृदय पर दबाव डालते हैं और हार्ट फेलियर का जोखिम बढ़ाते हैं।
खराब लाइफस्टाइल
ज्यादा जंक फूड, तली-भुनी चीजें, और प्रोसेस्ड फूड खाने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है, जो दिल की नसों में ब्लॉकेज का कारण बन सकता है। शारीरिक गतिविधियों की कमी से मोटापा, उच्च रक्तचाप और दिल की बीमारियां बढ़ती हैं। पर्याप्त नींद न लेने से हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
धूम्रपान और शराब का सेवन
सिगरेट में मौजूद निकोटीन और टार रक्त वाहिकाओं को सख्त बना देते हैं, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है। हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
हाइपरटेंशन और डायबिटीज
उच्च रक्तचाप और मधुमेह युवाओं में आम हो गए हैं। ये दोनों स्थितियां दिल की धमनियों पर असर डालती हैं, जिससे हार्ट फेलियर की संभावना बढ़ती है।
नशा और ड्रग्स का सेवन
कई नशीली दवाओं का सेवन और सिंथेटिक ड्रग्स दिल की विद्युत गतिविधि को बाधित करने का काम करती हैं। इन पदार्थों का सेवन दिल की धड़कन को अनियमित और घातक बना सकता हैं।
अत्यधिक शारीरिक मेहनत या व्यायाम
बिना प्रशिक्षण के अत्यधिक व्यायाम करने से हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो सडन हार्ट फेलियर का कारण बन सकता है। खासकर एथलीट्स में Hypertrophic Cardiomyopathy (HCM) जैसी स्थितियां जानलेवा हो सकती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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