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कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ लोगों में दिखे गुलियन बेरी सिंड्रोम के लक्षण

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जहां कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पूरे देश में टीकाकरण बेहद जोरों-शोरों पर हैं। वहीं अब कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड लगवाने के बाद लोगों में कुछ नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में केरल में डॉक्टरों ने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने वाले एक महीने के भीतर 12 लाख लोगों में से सात मामलों में गुलियन बेरी सिंड्रोम का पता लगाया है। बता दें कि यह एक दुर्लभ तंत्रिका संबंधी विकार है। हालांकि वैक्सीन के बाद गुलियन बेरी सिंड्रोम को लेकर शोध अभी जारी है। लेकिन, अब लोगों के मन में एक डर घर कर गया है। तो चलिए आज हम आपको गुलियन बेरी सिंड्रोम, इसके लक्षण व उपचार की सही जानकारी दे रहे हैं-

क्या है गुलियन बेरी सिंड्रोम

क्या है गुलियन बेरी सिंड्रोम

गुलियन बेरी सिंड्रोम एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा नर्व्स फाइबर पर स्वयं की प्रोटेक्टिव कोटिंग्स पर हमला करने का कारण बनती है। सिंड्रोम आमतौर पर एक जीवाणु या वायरल संक्रमण को फॉलो करता है। सिंड्रोम के पहले लक्षणों में अत्यधिक कमजोरी शामिल है जो अंततः पूरे शरीर को पंगु बना सकती है। अन्य लक्षणों में उंगलियों, पैर की उंगलियों, टखनों या कलाई में चुभन, पिन और सुइयों की सनसनी, चेहरे की गतिविधियों में कठिनाई, बोलना, चबाना, आंखों को हिलाने में असमर्थता, मूत्राशय पर नियंत्रण में कठिनाई और सांस लेने में समस्याएं आदि शामिल हैं।

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जानिए कारण

जानिए कारण

जबकि वैज्ञानिकों को अभी तक गुलियन बेरी सिंड्रोम का सटीक कारण नहीं मिला है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह सिंड्रोम नर्व सेल कोटिंग्स की गलत पहचान करने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली का परिणाम हो सकता है। बता दें कि 1976 में संयुक्त राज्य अमेरिका में स्वाइन फ्लू के वैक्सीनेशन कैंपेन के बाद देखी गई थी, इसके दशकों बाद 2009 H1N1 फ्लू महामारी के दौरान भी इस सिंड्रोम देखा गया था। इतना ही नहीं, जीका वायरस से संक्रमण के मामलों में भी ऐसे मामले रिपोर्ट हुए थे।

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गुलियन बेरी सिंड्रोम का इलाज

गुलियन बेरी सिंड्रोम का इलाज

चूंकि, गुलियन बेरी सिंड्रोम का अभी तक कोई ज्ञात इलाज नहीं है। इसलिए इससे पूरी तरह निजात पाना संभव नहीं है। हालांकि, कुछ उपचार के जरिए इस बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है। गुलियन बेरी सिंड्रोम के इलाज के लिए तंत्रिका क्षति को ठीक करने के लिए मुख्य रूप से दो उपचारों का सहारा लिया जाता है। पहला- प्लाज्मा एक्सचेंज और दूसरा- इम्युनोग्लोबुलिन थेरेपी। इन दोनों उपचार को गुलियन बेरी सिंड्रोम के लक्षणों की शुरुआत के दो सप्ताह के भीतर शुरू होने पर प्रभावी परिणाम दिखाई देते हैं।

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English summary

Gullain Bare Syndrome After Covishield Vaccine; all you know about the disease in hindi

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