कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के बाद 2 इंजीन‍ियर की मौत, क‍ितना सेफ है बाल उगने का ये तरीका

Kanpur Hair transplant Tragedy : हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक निजी क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट कराने के बाद दो इंजीनियरों की मौत ने सभी को चौंका दिया है। यह घटना उन लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है, जो गंजेपन से परेशान होकर इस सर्जरी का विकल्प चुनना चाहते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट को अक्सर एक आसान और सुरक्षित प्रक्रिया माना जाता है, लेकिन क्या यह प्रक्र‍िया पूरी तरह सेफ है?

क्या इससे जान को खतरा हो सकता है? ऐसे में इन खबरों के सामने आने से इन सवालों के जवाब जानना बेहद जरूरी हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने बात की डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा (डर्मेटोलॉजिस्ट और हेयर ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट, स्किना हॉस्पिटल, जयपुर) से।

Kanpur Hair transplant Tragedy

हेयर ट्रांसप्लांट क्या है?

डॉ. पुष्‍पेंद्र शर्मा बताते हैं कि हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जरी है जिसमें बालों की जड़ों को सिर के गंजे हिस्सों में ट्रांसफर किया जाता है। इसे हेयर रेस्टोरेशन भी कहा जाता है। इसके दो प्रमुख तरीके हैं:

FUT (Follicular Unit Transplantation) - इसमें सिर के पीछे से स्किन की एक पट्टी निकाली जाती है जिसमें हजारों बालों की जड़ें होती हैं। इन्हें छोटे ग्राफ्ट्स में बांटकर गंजे हिस्सों में प्रत्यारोपित किया जाता है।

FUE (Follicular Unit Extraction) - इसमें बालों की जड़ों को एक-एक करके निकाला जाता है, बिना स्किन स्ट्रिप निकाले। इसमें टांका नहीं लगता और रिकवरी जल्दी होती है।

FUE में बाल सिर्फ सिर से नहीं, बल्कि दाढ़ी, छाती, पेट या प्यूबिक एरिया से भी लिए जा सकते हैं।

कौन लोग हेयर ट्रांसप्लांट करवा सकते हैं?

- हर कोई इस सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं होता। यह उन्हीं के लिए फायदेमंद है:
- जिनके सिर के पीछे पर्याप्त डोनर हेयर मौजूद हों
- जिनकी उम्र 25 साल से ऊपर हो और बालों का झड़ना स्थिर हो
- जिन्हें कोई गंभीर मेडिकल कंडीशन (जैसे अनकंट्रोल्ड डायबिटीज, हार्ट डिजीज) न हो
- अगर किसी को Alopecia Areata या कोई स्किन डिजीज है, तो हेयर ट्रांसप्लांट अवॉइड करना चाहिए।

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हेयर ट्रांसप्‍लांट से पहले 7 सावधानियां जरुर बरतें

योग्य सर्जन चुनें: हमेशा एक रजिस्टर्ड डर्मेटोलॉजिस्ट या प्लास्टिक सर्जन से ही हेयर ट्रांसप्लांट कराएं। उनके पास MCI (Medical Council of India) से मान्यता होनी चाहिए।

क्लीनिक की जांच करें: क्लीनिक के उपकरण, हाइजीन और इमरजेंसी सुविधाओं की जानकारी जरूर लें। अस्पताल में ICU की सुविधा भी हो तो बेहतर है।

मेडिकल हिस्ट्री शेयर करें: अपनी पूरी मेडिकल हिस्ट्री, एलर्जी, दवाएं और कोई पुरानी बीमारी डॉक्टर को बताना न भूलें।

बॉडी टेस्ट करवाएं: सर्जरी से पहले ब्लड प्रेशर, शुगर, ECG आदि जरूरी जांचें करवा लें।

लो-कॉस्ट ऑफर्स से बचें: बेहद सस्ते ऑफर्स या अनजान सोशल मीडिया एड्स के झांसे में न आएं। सस्ती सर्जरी जानलेवा हो सकती है।

सर्जरी के बाद की देखभाल: डॉक्टर की बताई गई दवाएं समय पर लें, स्कैल्प को साफ रखें और धूप से बचाएं।

फॉलो-अप मिस न करें: सर्जरी के बाद एक से दो हफ्ते तक डॉक्टर से नियमित संपर्क में रहें ताकि कोई भी समस्या तुरंत पकड़ी जा सके।
डॉक्टर से साफ पूछें कि आपके केस में FUE या FUT कौन-सी तकनीक बेहतर होगी।

हेयर ट्रांसप्लांट के बाद बाल कब उगते हैं?

- 3-4 महीने में 10-20% बाल उगने लगते हैं
- 6 महीने में 50% रिजल्ट दिखने लगता है
- 9 महीनों में 80% और 12 महीनों में लगभग 100% बालों की ग्रोथ पूरी हो जाती है
हालांकि यह प्रक्रिया व्यक्ति विशेष के शरीर और स्वास्थ्य पर भी निर्भर करती है।

सर्जरी के बाद की देखभाल

- सिर को साफ और धूप से दूर रखें
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं और एंटीबायोटिक्स समय पर लें
- एक हफ्ते तक कोई भारी व्यायाम न करें
- स्कैल्प में खुजली या सूजन हो तो डॉक्टर से संपर्क करें
- बालों को शैंपू से धोने से पहले डॉक्टर की सलाह लें

साइड इफेक्ट्स

डॉ. पुष्‍पेंद्र शर्मा बताते हैं कि यह प्रक्रिया आमतौर पर सुरक्षित है, लेकिन कुछ हल्के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
- स्कैल्प पर पपड़ियां बनना
- हल्का दर्द या सूजन
- सुन्नपन या झनझनाहट
- स्किन टाइट लगना
ये लक्षण कुछ दिनों में खुद ठीक हो जाते हैं। यदि 7 दिन से ज्यादा रहें, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

गलत हेयर ट्रांसप्लांट करवाने से हो सकते हैं ये खतरे

- एनेस्थीसिया रिएक्शन
- स्कैल्प में संक्रमण
- अत्यधिक सूजन या ब्लीडिंग
- हेयर ग्राफ्ट्स का सही से न लगना
- स्कार बनना
- रेयर मामलों में सेप्सिस या मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी स्थिति

ध्‍यान दें

हेयर ट्रांसप्लांट एक प्रभावी और आमतौर पर सुरक्षित प्रक्रिया है, लेकिन लापरवाही जानलेवा बन सकती है। यदि आप इस प्रक्रिया के बारे में सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी है सही डॉक्टर और क्लीनिक का चयन करना। मेडिकल सलाह के बिना कोई कदम न उठाएं, और सर्जरी को हल्के में न लें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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