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मक्का में हीटस्ट्रोक से 577 यात्री की गई जान, 51 डिग्री तापमान में हज यात्री न करें ये गलतियां
Heatwave Safety Precautions For Hajj Pilgrims In Mecca : तेज धूप और भयानक गर्मी के चलते सऊदी अरब के मक्का में हज करने गए 577 हज यात्रियों की हीट स्ट्रोक की वजह से मौत हो गई है। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वालों में 323 नागरिक मिस्र के और 60 जॉर्डन के हैं। इसके अलावा ईरान, इंडोनेशिया और सेनेगल के हज यात्रियों की भी मौत हुई है। इन मौतों के पीछे वजह गर्मी को बताई गई है।
सऊदी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, सोमवार को मक्का की ग्रैंड मस्जिद में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस (125 फ़ारेनहाइट) तक पहुंच गया था। हज के ज्यादातर अरकान (रिवाज) खुले में किए जाते हैं, पारा 50 के पार पहुंचने से यात्रियों को इन अरकानों को पूरा करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

आइए जानते हज के दौरान गर्मी से बचने के लिए हज यात्रियों को किन बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत हैं-
सरकार ने किए ये इंतजाम
हर साल गर्मी से हाजियों को राहत देने के लिए सऊदी सरकार कई इंतजाम करती है। इनमें हज के रास्तों पर पानी की बौछार वाले पंखे, आराम के लिए एयर कंडीशनर टेंट और जगह-जगह वॉलंटियर्स और हेल्थ वर्कर्स की तैनाती भी की जाती है।
रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं
हज यात्रा पर जाते हुए यात्री रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। इससे आपको यात्रा के दौरान खूब सारी सुविधाएं मिलेंगी।
मिस्र के एक अधिकारी ने AFP न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू में बताया कि हज की यात्रा महंगी होती है, ऐसे में पैसे बचाने के लिए बिना रजिस्ट्रेशन वाले हज यात्रियों में इजाफा हुआ है, जिस वजह से अव्यवस्था फैली है। सऊदी सरकार बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को अपनी तरफ से कोई व्यवस्था मुहैया नहीं करवाता है। जिसकी वजह से कई यात्रियों को गर्मी में बिना एयर कंडीशनर हज में रहना पड़ता है और वो हीट स्ट्रोक के शिकार हो जाते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
सऊदी के स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी की है जिसमें लोगों को गर्मी से बचने के लिए खास सलाह दी गई है, जैसे-
- यात्री अपने आप को कवर करके रखें।
- जितना हो सके सीधे धूप में आने से बचें।
- दोपहर के समय कम से कम बाहर निकलें। ज्यादा से - ज्यादा लिक्विड लेते रहें।
- जहां एसी के इंतजाम है, वहां ज्यादा से ज्यादा रहकर आराम करें।
पानी खूब पिएं
हज के ज्यादातर अरकान (रिवाज) खुले में किए जाते हैं, ऐसे में हज यात्री को खुद को हाइड्रेड रखना बेहद जरूरी हैं। हीटस्ट्रोक की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिस वजह से शरीर के जरूरी इलेक्ट्रोलाइटस पसीने से साथ निकलकर डिहाइड्रेशन का शिकार बना देता है। डिहाइड्रेशन से ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
खुद को ढंककर रखे
गर्मी में बाहर जाते हुए ठंडी जगह पर आराम करे, सीधे धूप में आने से बचे। इसके लिए खुद को कवर करके भी रखें।
खाली पेट न रहे
हज यात्री हल्का और पौष्टिक भोजन करें और खाली पेट रहने से बचे। इससे शरीर कमजोर होता है और हीट स्ट्रोक लगने का खतरा बढ़ जाता है। भोजन में हाइड्रेटिंग फूड जैसे खीरा, तरबूज, नींबू पानी और नारियल पानी खूब पिएं।
क्या गर्मी से हो सकती है मौत?
जब पारा 50 के पार चला जाता है, तो शरीर बाहर और भीतर के तापमान में तालमेल नहीं बैठा तो कई दिक्कतें सामने आती हैं। नर्व सिस्टम पर इसका असर पड़ता है। जब शरीर ज्यादा गर्मी नहीं झेल पाता है, तो दिमाग, दिल, गुर्दा और मांसपेशियों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगता है। सही समय पर इलाज न मिलने की वजह से इंसान ब्रेन डेड भी हो सकता है।
कुछ मामलों में हीटस्ट्रोक की वजह से लोग कोमा में चले जाते हैं और मौत हो जाती है। तेज बुखार, सर्दी और डिहाइड्रेशन भी धूप की वजह से होता है। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए तेज धूप में जाने से बचें। धूप से बचना ही हीटस्ट्रोक का सही इलाज है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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