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Havana Syndrome: कानों में भनभनाहट और सिरदर्द से बीमार होने लगते हैं लोग, क्या है इस रहस्यमयी बीमारी का राज
Havana Syndrome नाम की रहस्यमयी बीमारी ने कई देशों की नींद उड़ाकर रखी हुई है। कई सालों से दुनियाभर के कई डॉक्टर और साइंटिस्टों को इस रहस्यमयी बीमारी ने परेशान कर रखा है। अब ऐसा कहा जा रहा है कि भारत भी इस बीमारी से प्रभावित हो सकता है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने भारत सरकार को इस बीमारी को लेकर गौर करने के लिए कहा है। जिसके बाद से यह सिंड्रोम सुर्खियों में बना हुआ है।
हवाना सिंड्रोम एक ऐसी 'रहस्यमय बीमारी' है जो खास विभाग में काम करने वाले लोगों जैसे राजनायिकों या सरकारी विभाग के आला अफसरों को प्रभावित करती रही है। इस सिंड्रोम की वजह क्या है, ये कोई नहीं जानता। हालांकि, कुछ जानकार कहते हैं कि ये एक अजीब तरह की आवाज सुनने से होता है और ये आवाजें कुछ निश्चित जगहों पर महसूस होता है।
आइए जानते हैं इस रहस्यमयी बीमारी के बारे में विस्तार से यहां।

पहली बार हवाना में सामने आया था मामला
2016 में बराक ओबामा के शासन में पहली बार हवाना (क्यूबा) में संयुक्त राज्य दूतावास के राजनयिकों और उनके परिवारों में एक रहस्यमयी बीमारी की शिकायत की थी। जिसमें बिना सिर के चोट या बीमारी के सिरदर्द, मेमोरी लॉस, रोज रात को तेज आवाज सुनाई देना, नाक से खून, कान में दर्द या टिनिटस और मस्तिष्क संबंधी असामान्यताओं समेत दर्जनों 'मनोवैज्ञानिक लक्षणों' की शिकायत की थी। बाद में अमेरिकी सरकार ने शरीर में अजीबोगरीब लक्षण वाले इस रहस्यमयी बीमारी को हवाना सिंड्रोम (Havana syndrome) बताया।
बाद में 2017 और 2018 के मध्य में, क्यूबा और चीन में कई अमेरिकी राजनयिकों ने समान लक्षणों और समान ध्वनियों की शिकायत की, जिसकी वजह से मेडिकल एक्सपर्ट को संदेह हुआ कि इन घटनाओं के पीछे किसी सोनिक डिवाइस यानी ध्वनि उपकरण से शुरू किया गया एक कथित तौर पर ध्वनिक हमला (acoustic attack) है। 2017 में ऐसे करीब दो दर्जन डिप्लोमेट्स को जांच और इलाज के लिए अमेरिका वापस बुला लिया गया था।
भारत में 2021 में सामने आया हवाना सिंड्रोम का पहला मामला
जुलाई 2023 तक भारत में हवाना सिंड्रोम का सिर्फ एक मामला दर्ज हुआ है। 2021 में जब पहला मामला भारत में सामने आया था, तब अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के निदेशक विलियम बर्न्स दिल्ली के दौरे पर थे। इस दौरान उनके साथ दौरे पर आए एक अमेरिकी अधिकारी ने भारतीय डॉक्टरों को हवाना सिंड्रोम के लक्षण महसूस करने की बात बताई थी।
हवाना सिंड्रोम के लक्षण
'हवाना सिंड्रोम की शिकायत करने वाले रोगियों के अनुभव किए गए लक्षण को मेडिकली पुष्टि करने के बाद ये लक्षण सामने आए थे-
-एक या दोनों कानों में दर्द के साथ अचानक तेज आवाज सुनना।
- - कान फोड़ देने वाली तेज आवाज सुनाई देना।
- सिर में दबाव या कंपन महसूस होना।
- सिरदर्द, चक्कर, मतली और थकान।
- मेमोरी लॉस और अनिद्रा और कंफ्यूजन।
हवाना सिंड्रोम की वजह
अभी तक इस सिंड्रोम के पीछे के सटीक कारणों का पता नहीं चला है। जब शुरुआत में हवाना सिंड्रोम के मामले सामने आने लगे थे, तो एक्सपर्ट को शक था कि हवाना सिंड्रोम किसी जहरीले रसायन, कीटनाशक या दवा के आकस्मिक या जानबूझकर संपर्क में आने के वजह से हुआ है। हालांकि, जांच में प्रभावित लोगों या उनके घरों में ऐसी किसी चीज के होने का सबूत नहीं मिला। इस बीमारी को लेकर समय समय पर अलग-अलग थ्योरी सामने आई है।

पहले इसे 'मनोवैज्ञानिक बीमारी' बताया गया था। वैज्ञानिकों ने सिंड्रोम को मनोवैज्ञानिक बताते हुए कहा कि शायद ये राजनयिकों को इसलिए ज्यादा प्रभावित करती है क्योंकि वो तनावपूर्ण माहौल में काम करते हैं।
फिर कहा गया कि इसका कारण रेडियोफ्रीक्वेंसी एनर्जी भी हो सकती है। तो ऐसे में ऐसी संभावना जताई गई कि हवाना सिंड्रोम के पीछे किसी प्रकार का यांत्रिक उपकरण का हाथ है जो अल्ट्रासोनिक या माइक्रोवेव ऊर्जा का उत्सर्जन करता है। इस पर अध्ययन जारी हैं और अमेरिकी एजेंसियां अब भी इसका अध्ययन कर रही हैं। लेकिन इनका मानना है कि सिंड्रोम 'जानबूझकर' लोगों को निशाना बनाता है।
'फ्रे इफेक्ट' जैसा है हवाना सिंड्रोम
हवाना सिंड्रोम की तुलना अमेरिकी साइंटिस्ट एलन एच. फ्रे के जरिए खोजे गए 'फ्रे इफेक्ट' से की जा रही है। दरअसल, 1962 में अमेरिकी साइंटिस्ट ने इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी पर रिसर्च के दौरान फ्रे इफेक्ट की वजह से झींगुर जैसी आवाजें सुनाई देना, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण महसूस किए थे।
कमला हैरिस की भी हुई थी तबीयत खराब
2021 में वियतनाम के हनोई में यूएस की वाइस प्रेसिंडेट कमला हैरिस की तबीयत खराब होने के वजह से अचानक अजीबोगरीब लक्षण सामने आए। जिसमें उन्हें हवाना सिंड्रोम होने की बात कही जा रही है। जिसके बाद उन्हें तुरंत सुरक्षा अमेरिका वापस बुला लिया गया था।
हवाना सिंड्रोम के उपचार क्या हैं?
हवाना सिंड्रोम से प्रभावित लोगों के लिए, इसके लक्षणों को कम करने में मदद के लिए वर्तमान में कोई इलाज या उपचार उपलब्ध नहीं है। हालांकि, संभावित उपचारों पर शोध जारी है और इस रहस्यमय स्थिति से प्रभावित लोगों की मदद के लिए एक दिन नए उपचार उपलब्ध हो सकते हैं। इस बीच, प्रभावित लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने किसी भी लक्षण के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें और यदि आवश्यक हो तो पेशेवर चिकित्सा सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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