Latest Updates
-
हनुमान जयंती पर जन्में बेटे के लिए ये 12 पावरफुल नाम, जानें इस दिन पैदा हुए बच्चे क्यों होते हैं खास? -
World Autism Awareness Day 2026: ऑटिज्म क्या होता है? डॉक्टर से जानें इसके कारण, लक्षण, इलाज और बचाव -
सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी! मिडिल ईस्ट वॉर के बीच इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी अलर्ट -
Hanuman Jayanti पर दिल्ली के इन 5 मंदिरों में उमड़ती है भारी भीड़, एक तो मुगल काल से है प्रसिद्ध -
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, बजरंगबली भर देंगे झोली -
Hanuman Jayanti 2026: आरती कीजै हनुमान लला की...हनुमान जयंती पर यहां से पढ़कर गाएं बजरंगबली की आरती -
Hanuman Jayanti 2026 Wishes: अंजनी के लाल...इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें हनुमान जयंती की शुभकामनाएं -
Hanuman Jayanti Sanskrit Wishes: 'ॐ हनुमते नमः', इन श्लोकों व संदेशों से दें हनुमान जयंती की बधाई -
Aaj Ka Rashifal, 2 April 2026: मेष से मीन तक, जानें हनुमान जयंती पर सभी 12 राशियों का राशिफल -
Hanuman Jayanti 2026 Upay: हनुमान जयंती पर बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय, हर मनोकामना होगी पूरी
Ramadan 2026: रमजान में खजूर खाकर ही क्यों खोला जाता है रोजा? जानिए इसके पीछे की वजह
Ramadan 2026: भारत में रमजान का पाक महीना 19 फरवरी यानी आज से शुरू हो गया है। रमजान इस्लामिक चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना होता है, जो शाबान के बाद आता है। इस्लाम धर्म में रमजान माह को सबसे पाक महीना माना जाता है। यह महीना हर मुस्लिम परिवार के लिए बेहद ही खास होता है। इस पूरे महीने मुस्लमान रोजा रखते हैं, पांच वक्त की नमाज़ पढ़ते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। रमजान के दौरान सहरी (सुबह का भोजन) और इफ्तार (शाम को रोजा खोलना) का विशेष महत्व होता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इफ्तार के समय लोग सबसे पहले खजूर खाकर ही रोजा क्यों खोलते हैं? अगर नहीं, तो आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि रोजे में खजूर का क्या महत्व है और इफ्तार की शुरुआत सबसे पहले खजूर से क्यों की जाती है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

खजूर से ही क्यों खोला जाता है रोजा?
इस्लामिक मान्यता के अनुसार, खजूर खाकर रोजा खोलने को सुन्नत माना जाता है। सुन्नत का मतलब वह पवित्र चीज होती है, जो पैगंबर मोहम्मद द्वारा अपनाई गई थी। माना जाता है कि हजरत मोहम्मद को खजूर बहुत ज्यादा पसंद था। इसलिए वह रोजा खोलते समय खजूर का सेवन किया करते थे। तब से ही मुस्लिम समुदाय में रोजा खोलते समय खजूर खाने की शुरुआत की गई और इसे खाना शुभ भी माना जाता है।
खजूर खाने के फायदे
रमजान में इफ्तारी के दौरान खजूर खाने का केवल धार्मिक महत्व ही नहीं है, बल्कि इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है।
तुरंत एनर्जी दे
पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद शरीर में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है। खजूर में प्रकृति शुगर की मात्रा अधिक होती है, जिसे खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है और शरीर की कमजोरी भी दूर होती है।
शरीर को हाइड्रेट रखे
रोजा रखने के दौरान पूरे दिन पानी नहीं पिया जाता है, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन हो जाता है। वहीं, खजूर का सेवन करने से शरीर को भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है।
थकान को कम करे
पूरे दिन कुछ भूखे प्यासे रहने के कारण अक्सर लोगों को सिरदर्द व थकान की समस्या होने लगती है। खजूर में विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो सिरदर्द को कम करने और थकान को दूर करने में मदद करते हैं।
पाचन तंत्र को दुरुस्त करे
खजूर पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद होता है। दरअसल, इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। यह कब्ज को दूर करने और पाचन संबंधी समस्याओं से बचाव में मदद करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











