Latest Updates
-
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे
हार्ट अटैक से बचना है तो रोज़ पीजिये 3 से 5 बार कॉफी: शोध
(आईएएनएस)| हर रोज तीन-पांच कप कॉफी पीने से हृदय रोग (सीवीडी) से मरने का खतरा 21 फीसदी तक कम हो जाता है। यह बात एक नए अध्ययन में कही गई है। पुर्तगाल के फैकल्डेड डी मेडिसीन डा यूनीवर्सिडेड डी लिस्बोआ के प्रोफेसर डॉटर एंटेनियो वाज कारनीरो ने कहा,
"ऐसी बातों की पहचान करना जरूरी है, जो हृदय रोग से मरने की संभावना कम करते हैं। थोड़ी मात्रा में कॉफी पीने से यह लाभ हासिल किया जा सकता है। इससे पूरे यूरोप में स्वास्थ्य सेवा पर होने वाला खर्च कम किया जा सकता है।"

READ: चाय और कॉफी में कौन सी है फायदेमंद?
इंस्टीट्यूट फॉर साइंटिफिक इंफोर्मेशन ऑन कॉफी द्वारा प्रकाशित रपट में बताया गया है कि किस प्रकार जीवनशैली में परिवर्तन लाने से हृदय रोग से मरने का जोखिम कम किया जा सकता है।
अध्ययन के मुताबिक दिन में तीन बार कॉफी पीने से जोखिम को 21 फीसदी तक घटाया जा सकता है। तीन से पांच कप कॉफी पीने से टाइप-2 मधुमेह का जोखिम करीब 25 फीसदी तक कम होता है। जिन्हें मधुमेह होता है, उनके हृदय रोग से मरने की संभावना बढ़ जाती है।
रपट के मुताबिक, जीवन शैली में परिवर्तन करने से महिलाओं में हृदय रोग के मामले 50 फीसदी तक घटाए जा सकते हैं, क्योंकि करीब 73 फीसदी कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) और 46 फीसदी क्लिनिकल सीवीडी का कारण खराब जीवन शैली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











