हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन श्रीचंद परमानंद को थी भूलने की ये बीमारी, जानि‍ए डिमेंशिया और लक्षण के बारे में

हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन श्रीचंद परमानंद हिंदुजा का बुधवार को निधन हो गया। SP हिंदुजा काफी समय से बीमार चल रहे थे। जानकारी के मुताबिक वे लेवी बॉडी डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी से पीड़ित थे। आइए जानते हैं क‍ि

Hinduja Group Chairman

क्‍या होता है डिमेंशिया
डि​मेंशिया (Dementia) शब्द 'De' मतलब Without और 'Mentia' मतलब Mind से मिलकर बना है। ज्यादातर इसे लोग भूलने की बीमारी से जोड़कर देखते हैं, लेक‍िन डिमेंशिया बीमारी नहीं एक सिंड्रोम है, जिसमें मस्तिष्क से जुड़े कई तरह के विकार शामिल होते है। इसमें व्‍यक्ति की सोचने समझने की क्षमता, याददाश्‍त, ध्यान, तार्किक तर्क और अन्य मानसिक क्षमताओं में कमी का सामना करता है। भूलने की समस्‍या के अलावा व्‍यक्ति हमेशा कंफ्यूज रहने के साथ ही रोजमर्रा के काम करने में भी असमर्थ रहता है।

लक्षण
डिमेंशिया उम्र के साथ बढ़ने वाली बीमारी है लेक‍िन इसकी शुरुआत में कुछ लक्षण देखे जाते हैं।
- किसी बात को बार-बार दोहराते रहना।
- उल जुलूल बातें करना।
- असभ्य भाषा इस्तेमाल करना, गाली देना, अश्लील हरकतें करना।
- किसी काम को बहुत कोशिश के बाद भी याद न रख पाना।
- मूड में बदलावा
- सोचने-समझने की शक्ति कम हो जाना।
-निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
- एकाकीपन में खोए रहना, मेल-जोल बंद कर देना।
- बिना कारण ही बौखला जाना, चिल्लाना, रोना, इत्यादि

Hinduja Group Chairman Srichand

इसकी वजह
यदि मस्तिष्क में कोई सामान्य या गंभीर आघात वाली चोट लगी हो जैसे कि सिर की टक्कर या कपाल की चोट जिसकी वजह से 30 मिनट से अधिक समय तक बेहोशी या याददाश्त खो देने जैसी स्थिति रही हो।

ब्रेन सेल्स डैमेज होने के कारण डिमेंशिया हो सकता है। इसके अलावा यह सिर की चोट, स्ट्रोक, ट्यूमर या HIV के कारण भी हो सकता है। इसी कारण डिमेंशिया से जूझ रहे व्यक्ति की सोच, बर्ताव और भावनाओं पर भी असर पड़ता है।

क्या कोई इलाज है?
वर्तमान में डिमेंशिया का कोई इलाज नहीं है। जितनी जल्दी इसका पता चल जाता है,उतने ही प्रभावी तरीके से इसका इलाज या दूसरी थेरेपी शुरु की जा सकती है, जो इस समस्‍या से निजात दिलाने में मदद करें। वैसे इस विकार का कोई इलाज नहीं है, यानी डॉक्टर केवल इसके लक्षणों को कम करने के इलाज और दवा के बारे में बता सकते हैं।

कौन थे श्रीचंद परमानंद?
श्रीचंद परमानंद का 87 साल की उम्र में हुआ निधन हुआ, साल 1971 में पिता के देहांत के बाद से सबसे बड़े बेटे श्रीचंद परमानंद हिंदुजा ने अपने पिता के पारिवारिक बिजनेस को न सिर्फ संभाला बल्कि उसे पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ाया। हिंदुजा ग्रुप का 100 से ज्यादा देशों में ट्रक, बैंकिंग, पावर से लेकर केब टीवी के क्षेत्र में बिजनेस फैला है। श्रीचंद परमानंद हिंदुजा 87 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद श्रीचंद अपने परिवार के साथ लंदन में रह रहे थे और वहीं उन्होंने आखिरी सांस ली।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, May 18, 2023, 12:30 [IST]
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