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गंदी और केमिकल वाली आइसक्रीम खाने से जा सकती है जान, मिलावटी आइसक्रीम पहचानने का ये है तरीका
How Do You Know If Ice cream Is Expired : राजस्थान के नागौर में 3 बच्चों की सड़क पर मिलने वाली गंदी और सस्ती लोकल फैक्ट्री आइसक्रीम खाने से जान चली गई। जांच में पता चला कि जिस फैक्ट्री में यह आइसक्रीम बनाई गई थी, वहां एक्सपायरी डेट वाला सालों पुराना रंग और फ्लेवर इस्तेमाल में लिया जा रहा था।
विषैले पदार्थों की वजह से ये आइसक्रीम की प्रकृति जहरीली हो गई और इसे खाने से बच्चों की जान चली गई। आइए जानते हैं कि आइसक्रीम खाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, असली आइसक्रीम की पहचान क्या है...

आइसक्रीम खाने से पहले ध्यान रखें इन बातों का
भारत सरकार ने फूड सेफ्टी और क्वालिटी से जुड़े कई मानक तय किए गए हैं। सरकार ने सामान की क्वालिटी तय करने के लिए उन पर कुछ स्पेशल चिह्न या मुहर लगाई हैं।
आइसक्रीम या किसी भी प्रकार के सामान को खरीदते समय इन फूड प्रॉडक्ट्स की पैकिंग पर FSSAI और IS के टैग्स होते हैं जो इसके शुद्ध होने की पहचान बताते हैं।
आइसक्रीम खरीदते समय यह जरूर देखें कि उसके डिब्बे या पैकेट पर IS 2802 मार्क हो। यह कोड आइसक्रीम कंपनियों को ब्यूरो ऑफ सर्टिफिकेशन देता है। जोकि आइसक्रीम के शुद्ध होने का प्रमाण देता है।
आइसक्रीम खरीदते समय ये बातें याद रखिए
आइसक्रीम खरीदते समय ध्यान से लेबल पढ़ें। लेबल में लिखे गए आइसक्रीम की क्वालिटी से जुड़ी डिटेल में उसके रंग और फ्लेवर का कंटेंट आइसक्रीम के कुल वजन के 5% हिस्से से कम होना चाहिए।
वनीला फ्लेवर वाली सफेद आइसक्रीम या बेसिक आइसक्रीम, कॉफी, मैपल और कैरेमल आइसक्रीम की वैराइटीज को प्लेन आइसक्रीम में गिना जाता है। प्लेन आइसक्रीम खरीदते समय जहां 5% का यह फॉर्मूला ध्यान में रखा जाता चाहिए वहीं, फ्लेवर्ड आइसक्रीम में शक्कर और कलर आदि की मात्रा कम ज्यादा हो सकती है।
चॉकलेट आइसक्रीम खरीदते समय देखें कि उसमें चॉकलेट या कोको पाउडर की मात्रा 3-4% है या नहीं। इससे, कम मात्रा में कोको पाउडर होने पर वह खराब क्वालिटी की आइसक्रीम मानी जाती है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें आर्टिफिशियल फ्लेवर्स का प्रयोग किया जा सकता है।

ये भी है तरीका
एक कटोरी में आइसक्रीम के ऊपर एक नींबू निचोड़ें। अगर आइसक्रीम में बुलबुले आ रहे हैं तो इसका मतलब है कि इसमें वाशिंग पाउडर है जो आइसक्रीम में हल्कापन और चमक लाता है। असली आइसक्रीम थोड़ी सी ही पिघलेगी।
कब जाए डॉक्टर के पास
याद रखें कि आइसक्रीम हो या कोई भी खाने की चीज, बनाते समय अगर हाइजीन का ध्यान नहीं रखा जाएगा तो इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है। जिसमें जान जाने का भी खतरा रहता है।
कुछ भी खाने के बाद अगर पेट में दर्द होने लगे, उल्टी-दस्त और कमजोरी लगने लगे, तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं। जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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