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सर्दियों में गीजर से पानी गर्म कर नहाना हो सकता है जानलेवा, जानें किन बातों का रखें ध्यान
सर्दियों में अमूमन हर घर में नहाने के लिए गर्म पानी के लिए गीजर का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप घर में गैस गीजर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधान रहिए। गैस गीजर से गर्म पानी कर बाथरूम में नहाने वाले लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ सकता है। इसलिए इस्तेमाल करने के लिए सुरक्षित उपायों का ध्यान रखना होगा। सर्दी शुरू होने के बाद गैस गीजर से बेहोश होने और दम घुटने के कई मामले सामने आते हैं।
पिछले कुछ सालों में लोगों की इस वजह से जान जाने की खबरें भी सामने आई हैं। आइए जानते हैं कि सर्दियों में गीजर का इस्तेमाल करते हुए किन बातों का ध्यान रखना जरुरी है।

ब्यूटेन और प्रोपेन गैस बनती है
गैस गीजर एलपीजी गैस से चलता है। बिजली यूनिट से सस्ता होने के चलते लोग घरों में इसका भरपूर इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इसके सुरक्षा उपायों को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव है, जिसके कारण उनकी जिंदगी पर खतरा बन रहा है। एलपीजी में ब्यूटेन और प्रोपेन गैस होती है।, जो जलने के बाद कार्बनडाईऑक्साइड बनाती है।
महिलाएं होती हैं ज्यादा प्रभावित
बाथरूम जैसी छोटी जगह में जब गैस गीजर चलता है तो वेंटीलेशन की कमी से वहां कार्बनडाईऑक्साइड बढ़ जाती है और ऑक्सीजन कम हो जाती है। कार्बनडाईऑक्साइड के साथ-साथ कार्बन मोनो ऑक्साइड भी बढ़ जाती है। ऐसे में नहाते समय आक्सीजन की कमी दिमाग में भी कम हो जाती है। इससे व्यक्ति बेहोश हो जाता है। खासकर महिलाएं इससे ज्यादा प्रभावित होती हैं क्योंकि अमूमन महिलाएं नहाने में पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा समय लगाती हैं।
मेमोरी लॉस भी वजह
गैस गीजर से मोनो आक्साइड बनती है। इसलिए बाथरूम में ज्यादा समय लगाने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है। उसे मिर्गी जैसा दौरा भी आ सकता है। व्यक्ति की हृदय गति रुक सकती है। इतना ही नहीं कार्बन मोनो ऑक्साइड में ज्यादा समय रहने से उसकी जान भी जा सकती है। याददाश्त भी जाने का खतरा रहता है। गैस गीजर से हार्ट अटैक मिर्गी के दौरा व बेहोश होने का खतरा भी रहता है।
फटने का भी रहता डर
वहीं, इलेक्ट्रिक गीजर को लंबे समय तक खुला छोड़ देने पर ब्वॉयलर पर दबाव बढ़ने लगता है और एक सीमा के बाद उसमें धमाका हो जाता है। अगर ब्वॉयलर कॉपर का नहीं है तो फटने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप भी गैस गीजर इस्तेमाल करते हैं तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- गैस गीजर को कभी भी बंद जगहों (जैसे बाथरूम, किचन) पर इंस्टॉल न कराएं।
- अगर यह बाथरूम और किचन जैसी जगह पर इंस्टॉल है तो वेंटिलेटर्स को हमेशा ओपन रखें। एग्जॉस्ट को भी ऑन रखें।
- समय-समय पर गैस गीजर को चेक करते रहें। ये देखें कि कहीं कोई लीकेज या कोई दूसरी प्रॉब्लम तो नहीं है।
गैस गीजर को पूरे दिन चलाने से बचें। इस चलाने के दौरान गैप जरूर मेंटेन करें।
- अगर गैस गीजर की वजह से किसी को समस्या हो रही है तो पीड़ित को जल्द से जल्द खुले स्पेस में ले जाएं, ताकि उसे सांस लेने में दिक्कत न हो।
- बाथरूम में नहाना शुरू करने से पहले गैस गीजर को बंद कर दें। इससे नहाने के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका कम रहेगी।
- गैस गीजर में अगर लीकेज हो तो उसमें से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है। इसकी वजह से चक्कर आना, मतली उल्टी होना, थकान, पेट दर्द हो सकता है।
- सांस फूलना और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या होती है। अगर घर में नहाने के दौरान या इसके बाद ऐसी कोई समस्या दिखे तो फौरन उसे डॉक्टर के पास ले जाएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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