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आप कहीं आटे की बजाय भूसी की रोटी तो नहीं खा रहे हैं, ऐसे करें घर में असली आटे की पहचान
बीते दिनों उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक आटा मिल में छापेमारी कर भारी मात्रा में मिलावटी आटे का भंडाफोड़ किया। इस आटे में खड़िया मिट्टी, सेलखड़ी, स्किम्ड मिल्क पाउडर और भूसी जैसी चीजें मिलाई जा रही थीं। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि मिलावटी आटा धड़ल्ले से बिक रहा है और हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
मिलावटखोर आटे की चमक बढ़ाने और उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए कई तरह के हानिकारक पदार्थ मिलाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

इन चीजों को मिलाकर होती है गेंहू में मिलावट?
खड़िया मिट्टी और सेलखड़ी - ये पदार्थ कैल्शियम कार्बोनेट से भरपूर होते हैं और आटे का रंग ज्यादा सफेद दिखाने के लिए मिलाए जाते हैं, जिससे यह अधिक आकर्षक लगता है।
स्किम्ड मिल्क पाउडर - इसका उपयोग आटे को मुलायम बनाने के लिए किया जाता है, जिससे रोटी भी नरम बनती है।
गेहूं की भूसी - सस्ते में मिलने वाली भूसी को आटे में मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाई जाती है, जिससे मिलावटखोर अधिक मुनाफा कमा सकें।
मैदा - आटे को महीन और चमकदार बनाने के लिए मिलाया जाता है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होती है और पोषक तत्व कम हो जाते हैं।
मिलावटी आटे के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव
डाइटीशियन अंजलि पाठक के अनुसार, मिलावटी आटे का सेवन कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है-
पाचन तंत्र पर असर - खड़िया मिट्टी और सेलखड़ी के अधिक सेवन से पेट की समस्याएं, कब्ज और अपच हो सकती है।
हड्डियों पर प्रभाव - खड़िया मिट्टी में मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट शरीर में असंतुलन पैदा कर हड्डियों को कमजोर कर सकता है।
लिवर और किडनी को नुकसान - आटे में मौजूद मिलावटी केमिकल्स शरीर में टॉक्सिन्स को बढ़ाकर लिवर और किडनी की कार्यप्रणाली को बाधित कर सकते हैं।
ब्लड शुगर पर असर - मैदा मिलाए गए आटे से पोषक तत्व कम हो जाते हैं, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
मिलावटी आटे की पहचान कैसे करें?
आजकल बाजार में मिलावटी आटा मिलने की संभावना बढ़ गई है, जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। असली और नकली आटे की पहचान करने के कुछ आसान तरीके हैं-
पानी में घुलने की जांच - एक गिलास पानी में आटे का थोड़ा सा हिस्सा डालें। यदि आटा पानी में घुल जाए या ऊपर तैरने लगे, तो उसमें मिलावट हो सकती है। शुद्ध आटा नीचे बैठ जाता है।
रंग और बनावट - शुद्ध गेहूं का आटा हल्के क्रीम रंग का होता है। अधिक सफेद या असामान्य रंग का आटा मिलावटी हो सकता है।
गूंधने पर चिपचिपापन - यदि आटा गूंधने पर बहुत चिपचिपा या अधिक सख्त हो जाए, तो उसमें मिलावट होने की संभावना है।
आग से जांच - आटे को तवे पर डालकर देखें। यदि यह जल्दी जलने लगे या अजीब सी महक आए, तो उसमें मिलावट हो सकती है।
हाथ से जांच - शुद्ध आटा रगड़ने पर मुलायम लगता है, जबकि मिलावटी आटे में खड़ापन महसूस हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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