Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम
आप कहीं आटे की बजाय भूसी की रोटी तो नहीं खा रहे हैं, ऐसे करें घर में असली आटे की पहचान
बीते दिनों उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक आटा मिल में छापेमारी कर भारी मात्रा में मिलावटी आटे का भंडाफोड़ किया। इस आटे में खड़िया मिट्टी, सेलखड़ी, स्किम्ड मिल्क पाउडर और भूसी जैसी चीजें मिलाई जा रही थीं। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि मिलावटी आटा धड़ल्ले से बिक रहा है और हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
मिलावटखोर आटे की चमक बढ़ाने और उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए कई तरह के हानिकारक पदार्थ मिलाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

इन चीजों को मिलाकर होती है गेंहू में मिलावट?
खड़िया मिट्टी और सेलखड़ी - ये पदार्थ कैल्शियम कार्बोनेट से भरपूर होते हैं और आटे का रंग ज्यादा सफेद दिखाने के लिए मिलाए जाते हैं, जिससे यह अधिक आकर्षक लगता है।
स्किम्ड मिल्क पाउडर - इसका उपयोग आटे को मुलायम बनाने के लिए किया जाता है, जिससे रोटी भी नरम बनती है।
गेहूं की भूसी - सस्ते में मिलने वाली भूसी को आटे में मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाई जाती है, जिससे मिलावटखोर अधिक मुनाफा कमा सकें।
मैदा - आटे को महीन और चमकदार बनाने के लिए मिलाया जाता है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होती है और पोषक तत्व कम हो जाते हैं।
मिलावटी आटे के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव
डाइटीशियन अंजलि पाठक के अनुसार, मिलावटी आटे का सेवन कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है-
पाचन तंत्र पर असर - खड़िया मिट्टी और सेलखड़ी के अधिक सेवन से पेट की समस्याएं, कब्ज और अपच हो सकती है।
हड्डियों पर प्रभाव - खड़िया मिट्टी में मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट शरीर में असंतुलन पैदा कर हड्डियों को कमजोर कर सकता है।
लिवर और किडनी को नुकसान - आटे में मौजूद मिलावटी केमिकल्स शरीर में टॉक्सिन्स को बढ़ाकर लिवर और किडनी की कार्यप्रणाली को बाधित कर सकते हैं।
ब्लड शुगर पर असर - मैदा मिलाए गए आटे से पोषक तत्व कम हो जाते हैं, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
मिलावटी आटे की पहचान कैसे करें?
आजकल बाजार में मिलावटी आटा मिलने की संभावना बढ़ गई है, जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। असली और नकली आटे की पहचान करने के कुछ आसान तरीके हैं-
पानी में घुलने की जांच - एक गिलास पानी में आटे का थोड़ा सा हिस्सा डालें। यदि आटा पानी में घुल जाए या ऊपर तैरने लगे, तो उसमें मिलावट हो सकती है। शुद्ध आटा नीचे बैठ जाता है।
रंग और बनावट - शुद्ध गेहूं का आटा हल्के क्रीम रंग का होता है। अधिक सफेद या असामान्य रंग का आटा मिलावटी हो सकता है।
गूंधने पर चिपचिपापन - यदि आटा गूंधने पर बहुत चिपचिपा या अधिक सख्त हो जाए, तो उसमें मिलावट होने की संभावना है।
आग से जांच - आटे को तवे पर डालकर देखें। यदि यह जल्दी जलने लगे या अजीब सी महक आए, तो उसमें मिलावट हो सकती है।
हाथ से जांच - शुद्ध आटा रगड़ने पर मुलायम लगता है, जबकि मिलावटी आटे में खड़ापन महसूस हो सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
